जज लोया मौत: बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की रिव्यू पिटीशन

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सीबीआई कोर्ट के जज बीएच लोया की संदिग्ध मौत के मामले में बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में इस केस की जांच के लिए पुनर्विचार याचिका दाखिल की है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने विशेष सीबीआई जज बीएच लो‍या की मौत की स्वतंत्र जांच कराने से मना कर दिया था। यह फैसला चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, एएम खानविलकर और डीवाइ चंद्रछुड़ की तीन जजों की पीठ ने दिया था।
क्या है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
जज बीएच लोया की मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि उनकी मौत प्राकृतिक (नैचुरल) थी और इसकी जांच नहीं होगी। पीठ ने कहा कि गेस्ट हाउस में लो‍या के साथ ठहरे चार अन्य जजों के बयान पर शक करना उचित नहीं है। ये सब जज अपने एक साथी की बेटी के विवाह में शामिल होने नागपुर गए थे। पीठ ने कहा इस मामले में पीआईएल याचिका के क्षेत्राधिकार का दुरुपयोग किया है।ये याचिकाएं कांग्रेस नेता तहसीन पुनवाला, बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन और एक पत्रकार बीएसए लोने ने दायर की थी। लो‍या बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के मामले की सुनवाई कर रहे थे। उनकी 2014 में रहस्यमय हालात में नागपुर में मौत हो गयी थी। डॉक्टरों ने इसका कारण हार्ट अटैक बताया था।वकील से सामाजिक कार्यकर्ता बने प्रशांत भूषण ने सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ कांड की सुनवाई करने वाले न्यायाधीश बी एच लोया की मौत की न्यायिक जांच या विशेष जांच दल द्वारा जांच कराये जाने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि लोया की मौत दिल का दौरा पड़ने से नहीं हुई है जैसा कि सरकारी अधिकारी दावा कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले ही उन्होंने मांग की कि इसकी जांच होनी चाहिए।आपको बता दें कि हाईप्रोफोइल सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ कांड की सुनवाई कर रहे लोया की एक दिसंबर, 2014 को नागपुर में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई जहां वह अपने एक सहयोगी की बेटी की शादी में गये थे।

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