नक्सलियों ने पुलिस की गाड़ी उड़ाई; बिहार के जांबाज समेत सात शहीद

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नकुलनार (छत्तीसगढ़)/बेगूसराय. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के मादाड़ी नाले के पास नक्सलियों ने रविवार सुबह 11.15 बजे आईईडी से विस्फोट कर पुलिस की एसयूवी को उड़ा दिया। हमले में छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स (सीएएफ) और डिस्ट्रिक्ट फोर्स (डीएफ) के सात जवान शहीद हो गए। शहीद जवानों में बेगूसराय के बीहट के गुरुदासपुर सुंदरवन टोला निवासी नवल किशोर सिंह के 25 वर्षीय पुत्र राजेश सिंह भी शामिल हैं। ब्लास्ट इतना तेज था कि गाड़ी तीन टुकड़ों में टूट गई। तीनों टुकड़े हवा में उड़ते हुए 15 से 20 फीट दूर नाले में जा गिरे। विस्फोट के बाद नक्सली 4 एके-47, 2 इंसास और दो हैंडग्रेनेड के अलावा जवानों के पास मौजूद गोलियां लूटकर भाग गए।
– एसपी कमलोचन कश्यप ने बताया कि रविवार को किरंदुल से पालनार के बीच बन रही सड़क के लिए निर्माण सामग्री आई थी। इन गाड़ियों को सुरक्षा देने के लिए सात जवानों की टीम महिंद्रा एक्सयूवी गाड़ी से भेजी गई थी। जवान जब चोलनार से लौट रहे थे तो हमला हुआ।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और ओडिशा के मलकानगिरि का बदला लेने के लिए हमला
– शहीदों में सीएएफ के आरक्षक राजेश सिंह, रविनाथ पटेल, अर्जुन राजभर और प्रधान आरक्षक विक्रम यादव शामिल हैं। वहीं, डीएफ के आरक्षक टिकेश्वर ध्रुव, सहा. आरक्षक सालिक राम सिन्हा और प्रधान आरक्षक राम कुमार यादव भी शहीद हुए हैं।
– पुलिस का मानना है कि महाराष्ट्र के गढचिरौली, ओडिशा के मलकानगिरी और छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पिछले दिनों हुई मुठभेड़ों का बदला लेने के लिए यह ब्लास्ट किया गया होगा।
2010 में नक्सलियों से लड़ने के लिए बहाल हुए थे बीहट के राजेश
– परिजन बताते हैं कि, राजेश सिंह की नौकरी छत्तीसगढ़ नक्सली कंट्रोल के लिए 2010 में लगी थी, 3 साल बाद 2013 में राजेश की शादी रामपुर डुमरा लखीसराय में हो गई। ड्यूटी पर रहते राजेश सिंह ने देश के लिए अपनी शहादत दे दी। शहादत के बाद राजेश अपने पीछे बूढ़े माता-पिता और दो बेटे, एक बेटी सहित पत्नी को छोड़ गए हैं। यह बच्चे भी मां को चीखते-चिल्लाते देख रो रहे हैं।

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