तिरुपति मंदिर घोटाले और राजनीतिक दखलंदाजी का शिकार, चंद्रबाबू नायडू पर गंभीर आरोप

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रामना दीकशितुलु ने चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि बेशकीमती जेवरात गायब करने में चंद्रबाबू नायडू का भी हाथ है।
नई दिल्ली । आंध्र प्रदेश स्थित सुप्रसिद्ध तिरमाला तिरुपति मंदिर देश के सबसे धनवान धार्मिक प्रतिष्ठानों में से एक है। लेकिन अब यह मंदिर घोटाले और राजनीतिक दखलंदाजी का शिकार हो गया है। तिरमाला तिरुपति देवस्थानम के हाल ही में हटाए गए प्रमुख पुजारी रामना दीकशितुलु ने आरोप लगाया है कि भगवान बालाजी के गले में डला प्लेटिनम के हार में जड़ा बेशकीमती गुलाबी हीरा गायब है। उन्हें शक है कि इसी हीरे के टुकड़े को हाल ही में जिनेवा में 500 करोड़ रुपये में नीलाम किया गया है। उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच कराने की मांग की है।उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि वर्ष 1996 से ऐसे कई बेशकीमती प्राचीन जेवर मंदिर से गायब हो चुके हैं। दूसरी ओर, मंदिर प्रशासन ने रामना के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा है कि मंदिर के पूर्व प्रमुख पुजारी इसी माह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से दो बार मिल चुके हैं। पहली बार वह कर्नाटक चुनाव से बस एक दिन पहले मिले थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने मंदिर में भ्रष्टाचार के यह आरोप इन बैठकों में लगाए और उसके बाद चेन्नई में 15 मई को एक प्रेस कांफ्रेंस में इन आरोपों को सार्वजनिक किया। इसके तीन दिन बाद ही 69 वर्षीय रामना दीकशितुलु को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
रामना दीकशितुलु ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि बेशकीमती जेवरात गायब करने में चंद्रबाबू नायडू का भी हाथ है। उन्होंने कहा कि सीएम ने मंदिर के अगम शास्त्र (नियमावली) का उल्लंघन किया है। उन्होंने मंदिर के पुत्तु (रसोईघर) में खनन की इजाजत दी। कथित मरम्मत के कार्य के लिए मंदिर की रसोई कई दिनों तक बंद रही थी। ऐसा माना जाता है कि रसोईघर की जमीन के नीचे गुप्त खजाना है। वहीं, मंदिर बोर्ड के अधिशासी अधिकारी अनिल सिंघल ने रामना दीकशितुलु के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रेस कांफ्रेंस करने की वजह से उन्हें मंदिर से नहीं हटाया गया।आंध्र प्रदेश सरकार ने आचार्यो और पुजारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 65 वर्ष कर दी है। पिछले रविवार को सिंघल ने प्रेस वार्ता में पूर्व पुजारी के गुलाबी हीरे के बारे में लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि गायब रूबी (माणिक) इसलिए लापता हो गया कि क्योंकि दर्शनार्थियों ने मूर्ति पर सिक्के फेंक कर उस रूबी को तो़़ड दिया था।

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