सावधानः गर्मी की मार कहीं आपको बीमार न कर दे, अपनाएं ये घरेलू नुस्खे

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दिल्ली का तापमान 44 के पार पहुंचने से हवा में नमी की कमी हो गई है। इसके चलते हीट स्ट्रोक और डिहाइट्रेशन की समस्या बढ़ गई है। एम्स के वरिष्ठ डॉक्टर शैलेंद्र भदौरिया इसके कारण होने वाले नुकसान और उससे बचने के उपाय बता रहे हैं।
आंखों में रक्त का जमना
अधिक तापमान की वजह से आंखों में खून जम जाता है। इससे आंखें लाल हो जाती हैं। खून जमने से देखने में तो दिक्कत नहीं होती लेकिन लंबे समय तक ऐसा होने से आंखों की सफेद पुतली को नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर आंखों की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है।
दिमाग को नुकसान
डिहाइड्रेशन की वजह से दिमाग को नुकसान पहुंचता है। शरीर बाहरी तापमान के हिसाब से खुद का तापमान स्थिर करने के लिए पसीना छोड़ता है। अधिक पसीना निकलने से व्यक्ति बेहोश हो सकता है। दिमाग को क्षति पहुंच सकती है। इंसान कोमा में पहुंच सकता है। .
साइनस की समस्या
तापमान बढ़ने से कई बार नाक में सूखापन आ जाता है। इससे साइनस की समस्या भी हो सकती है। इसलिए ऐसा होने पर लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। इसके अलावा नाक से खून भी आ सकता है।
त्वचा में जलन हो सकती है
गर्मियों में शरीर को नुकसान पहुंचाने वाली पराबैंगनी किरणों की मात्रा अधिक होती है। त्वचा पर इसका प्रतिकूल प्रभाव होता है। जलन के साथ-साथ लंबे समय बाद त्वचा के कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है। .
डायबिटीज रोगियों को खतरा
गर्मियों में डायबिटीज रोगियों को बड़ा नुकसान होता है। उनका शुगर स्तर बढ़ जाता है। ऐसे रोगियों को तापमान बढ़ने पर अधिक नुसान हो सकता है। उन्हें गर्मियों में चक्कर आना, घबराने की शिकायतें होने लगती हैं।

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