मनीष सिसोदिया से ढाई घंटे में पूछे गए सवा सौ सवाल, ये हैं सवाल-जवाब

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    मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से शुक्रवार शाम उनके सरकारी आवास पर पुलिस ने ढाई घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान उनसे सवा सौ से अधिक सवाल पूछे गए। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त हरेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार शाम 4:30 बजे जांच अधिकारियों की टीम मनीष सिसोदिया के सरकारी आवास पर पहुंची। सूत्रों के अनुसार, इस टीम में हरेंद्र सिंह के अलावा एसीपी सिविल लाइंस अशोक त्यागी, इंस्पेक्टर विवेकानंद झा, एसएचओ करण सिंह एवं इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर सिंह शामिल थे। टीम शाम 7 बजे पूछताछ खत्म कर बाहर निकली।
    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने अपनी शिकायत में सिसोदिया की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा था कि 19 फरवरी की शाम 7 बजे उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने उन्हें फोन किया था। फोन पर मुख्य सचिव से ‘आप’ सरकार के तीन साल पूरे होने पर जारी होने वाले विज्ञापन के बिलों का भुगतान करने के लिए कहा गया था। ऐसा नहीं करने पर सिसोदिया ने कहा था कि उन्हें आधी रात को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाकर इस बारे में सफाई देनी पड़ेगी। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मुख्य सचिव के इन दावों के आधार पर उपमुख्यमंत्री से पूछताछ जरूरी थी।सिसोदिया ने बहुत सी बातों की जिम्मेदारी केजरीवाल पर डाली: पुलिस अफसर ने बताया कि सिसोदिया ने बहुत सी बातों की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भी डाली। फिलहाल इस पूछताछ से पुलिस को आरोप पत्र तैयार करने में काफी मदद मिलेगी। पुलिस ने वीडियो रिकॉर्डिंग की भी व्यवस्था की थी। इससे पहले पुलिस ने मुख्यमंत्री केजरीवाल से 18 मई को पूछताछ की थी।
    डिप्टी सीएम से पूछा नाम क्या है?
    सवाल: आप का नाम क्या है?.
    जवाब: मनीष सिसोदिया
    सवाल: मुख्यमंत्री आवास पर 19 फरवरी की रात को बैठक किसने या किसकी तरफ से बुलाई गई थी?
    जवाब: मुख्यमंत्री ने बैठक बुलाई थी।.
    सवाल: बैठक में मारपीट किसने की?.
    जवाब: कोई मारपीट नहीं हुई थी।.
    सवाल: जब बैठक राशन कार्ड के लिए थी तो क्या इस बारे में संबंधित विभाग के मंत्री एवं उसके सचिव को जानकारी दी गई थी?.जवाब: जानकारी देने का काम मुख्य सचिव अंशु प्रकाश को सौंपा गया था।
    सवाल: मुख्य सचिव का कहना है कि बैठक को विज्ञापन के बिलों को जारी करने के लिए बुलाया गया था
    जवाब: मुख्य सचिव अंशु प्रकाश गलत बोल रहे हैं। बैठक राशन कार्ड के बारे में थी।.
    सवाल: क्या कभी भी राशन कार्ड को लेकर कैबिनेट बैठक में चर्चा हुई थी? कभी कोई नोट बना था?
    जवाब: मुझे याद नहीं है। आप चाहें तो संबंधित कागजों को देखकर जानकारी ले सकते हैं।
    मनीष सिसोदिया का कहना है कि पुलिस पर हमें फंसाने का दबाव है। राशन माफिया, प्राइवेट स्कूल माफिया और टैंकर माफिया के खिलाफ हमने लड़ाई लड़ी है। यह भाजपा की साजिश है।उधर विधानसभा समिति ने शुक्रवार को कहा कि मुख्य सचिव दिल्ली विधानसभा के कार्य में अवैध रूप से हस्तक्षेप कर रहे हैं। समिति ने कहा है कि इस मामले को विधानसभा अध्यक्ष के सामने रखा जाएगा और विधानसभा के अगामी तीन दिवसीय सत्र में भी इस पर बात होगी। समिति के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज के साथ राखी बिड़लान, संजीव झा, मदन लाल और विशेष रवि ने शुक्रवार को संयुक्त बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि मुख्य सचिव विधानसभा अधिकारियों को डरा रहे हैं। अफसरों से तीन दिवसीय सत्र के दौरान प्रश्नकाल पर ध्यान नहीं देने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव के पद पर तैनात कोई भी व्यक्ति उपराज्यपाल और भाजपा के एजेंडे पर कैसे काम कर सकता है। विधानसभा के काम में हस्तक्षेप संविंधान में बनाए गए नियमों के विरुद्ध है। साथ ही, विधानसभा के नियमों के मुताबिक सदन कैसे चलेगा, इसका अधिकार केवल अध्यक्ष के पास होता है। सदन की कार्रवाई को चलाने के बारे में कैबिनेट और मुख्य सचिव कुछ नहीं कह सकते हैं। विधानसभा में प्रश्नकाल का निर्धारण भी विधानसभा अध्यक्ष ही तय करते हैं। मुख्य सचिव के पास ऐसा कोई अधिकार नहीं है।

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