मोदी सरकार के चार साल: ये हैं BJP की चार साल की उपलब्धियां और पांचवे साल की चुनौतियां

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बीते चार साल में मोदी के मिशन ने कई अहम मुकाम हासिल किए। स्वच्छ भारत मिशन, सबको आवास और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में तेजी से काम हुआ है। खुले में शौच से मुक्ति मिशन भी काम और जागरुकता दोनों स्तर पर काफी सफल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की बेहद महत्वाकांक्षी योजनाओं में शुमार नमामि गंगे और स्मार्ट सिटी चार साल में जागरुकता के स्तर पर तो बेहद आगे बढ़े हैं, लेकिन इन्हें अंजाम तक पहुंचाने में और वक्त लगेगास्वच्छ भारत सबसे कामयाब मिशन: स्वच्छ भारत मिशन दो अक्तूबर 2014 को शुरू किया गया था। लोगों में जागरुकता लाने के इस मिशन में सरकार को काफी कामयाबी भी मिली। इसके तहत देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 2 अक्तूबर 2019 को गांधी जयंती तक खुले में शौच से मुक्त किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस काम में तेजी आई है और साठ से सत्तर फीसदी तक काम हो चुका है।प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में धन की कमी नहीं : प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत सरकार पहली बार कई सिंचाई योजनाओं को एक साथ लाकर उनको वरीयता के आधार पर धन मुहैया करा रही है। सभी योजनाओं को प्रथामिकता के साथ पूरा किया जा रहा है। 2015 में शुरू की गई इस योजना के लिए पांच सालों में 50 हजार करोड़ का बजट रखा गया है।प्रधानमंत्री आवास योजना की धीरे-धीरे बढ़ रही रफ्तार : प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत सरकार ने 2022 तक देश में हर नागरिक के सिर पर अपनी छत का सपना संजोया है। शहरी और ग्रामीण दो अलग अलग वर्गों में शुरू की गई इस योजना के तहत राज्यों को विभिन्न आवास योजनाओं में धन मुहैया कराया जा रहा है। आवास योजना में बेहद कम दर पर कर्ज भी दिए जा रहे हैं। योजना धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है।
ये हैं चार साल की बड़ी उपलब्धियां :
सहज बिजली हर घर योजना
– 18 हजार से अधिक गांवों तक बिजली पहुंचाने की योजना।
-31 मार्च 2019 तक योजना पूरा करने का लक्ष्यॉ।
-500 रुपये में बिजली कनेक्शन, 10 किश्तों में जमा करा सकेंगे।
-16,000 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान।
स्वच्छ भारत मिशन :
2,57,259 गांवों के खुले में शौच से मुक्त होने का दावा।
शहरी इलाके में 1.04 करोड़ शौचालय और 5.08 लाख सामुदायिक शौचालय बनाने का लक्ष्य 2019 तक।
1.96 लाख करोड़ रुपये योजना पर अनुमानित खर्च।
उज्जवल योजना :
– 1 मई 2016 को उज्ज्वला योजना की शुरुआत।
– प्रत्येक बीपीएल परिवार को 1600 रुपये की सहायता.
– चार करोड़ परिवार को अभी तक मिला लाभ।
– आठ करोड़ लोगों तक पहुंचाने का लक्ष्य।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना :
1 अप्रैल 2018 से योजना लागू, गरीब परिवारों में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा।
केंद्र सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना में 1354 पैकेज शामिल किए, इलाज की दरें सीजीएचएस से 15-20 फसीदी सस्ती।
पांचवे साल की चार चुनौतियां :
मोदी सरकार की अगुवाई में एनडीए सरकार ने 26 मई 2018 को चार साल पूरे किए हैं। हालांकि 2019 के आम चुनावों में जाने से पहले एनडीए सरकार के लिए महंगाई और तेल की कीमतों पर काबू पाना होगा। मौजूदा समय में यह निराशावादी स्थिति में है।
तेल की कीमतों में कमी :
12 दिनों में दिल्ली में 3.20 रुपये प्रति लीटर बढ़े हैं पेट्रोल के दाम।
77.83 रुपये/ लीटर में पेट्रोल बिक रहा है दिल्ली में इस समय।
एनपीए को कम करना होगा :
– 7.50 लाख करोड़ रुपये हुआ 21 सरकारी बैंकों का एनपीए।
– 55 हजार करोड़ का घाटा एक साल में सरकारी बैंकों को हुआ
उपभोक्ताओं का भरोसा जीतना होगा :
– 2014 : जून में उपभोक्ता विश्वास शिखर पर था जब मोदी सत्ता में आए थे।
– 2015 : सितंबर में यह नीचे आया, वजह रही दो साल तक लगातार सूखा।
– 2016 : नवंबर में इसमें सुधार आया त्योहारी सीजन होने के चलते।
– 2017 : में पूरे साल गिरावट रही।
– 2018 : मार्च में इसमें थोड़ा सुधार दिखना शुरू हुआ।
महंगाई पर काबू पाना होगा :
फीसदी खुदरा मंहगाई दर अप्रैल 2017 में थी।
फीसदी खुदरा मंहगाई दर अप्रैल माह में थी।

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