ईस्टर्न के बाद अब वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस की बारी, जून में होगा उद्घाटन

0
184

वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस का काम अंतिम दौर में है। 136.5 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे के कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) का काम अंतिम चरण में हैं। वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर मानेसर-पलवल के हिस्से का काम पहले ही पूरा हो चुका है। यह हिस्सा 52.68 किलोमीटर का है। अब कुंडली-मानेसर के 83.32 किलोमीटर के बचे काम को पूरा किया जा रहा है। केएमपी एक्सप्रेस सोनीपत के कुंडली से शुरू होकर झज्जर, गुरुग्राम, मेवात को पलवल को जोड़ रहा है। केएमपी पर पांच एमएमटीएस विकसित किए जाने की योजना है। इस स्थानों से परिवहन के तमाम विकल्प उपलब्ध होंगे। मल्टी मोड टांसपोर्ट सिस्टम के इन केंद्रों का निर्माण कुंडली-बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, पंचगांव और खेड़की दौला पर बनेंगे।केएमपी का काम पूरा करने की डेडलाइन 30 जून तय की गई है। केएमपी का काम मुख्यतौर पर तीन जंक्शनों पर बाकी रह गया है। इनमें वे स्थान शामिल हैं जहां पर केएमपी राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ रहा है। इन जगहों पर फ्लाईओवर और ट्रैफिक के दूसरी दिशा में आने-जाने के लिए क्लोवर लीफ बनाई जा रही है। इनमें पहला जंक्शन सोनीपत और दूसरा झज्जर के असोदा में जहां पर केएमपी एक्सप्रेसवे को एनएच-10 के ऊपर से निकलना है। तीन बिंदु पचगांव के पास है जहां पर केएमपी एनएच-8 को काट रहा है। केएमपी के काम की निगरानी स्वयं मुख्यमंत्री मनोहर लाल कर रहे हैं। वह दो बार सर्वे भी कर चुके हैं। इसके बाद ही काम पूरा करने के लिए 30 जून की तारीख तय की गई है।
वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे एक नजर
कुल लंबाई – 136.5 किलोमीटर
मानेसर-पलवल – 52.68 किलोमीटर
कुंडली-मानेसर – 83.32 किलोमीटर
पलवल से मानेसर – वर्ष 2016 में खोला गया
अगले माह जून में होगा केएमपी एक्सप्रेस का उद्घाटन
कुंडली-मानेसर-पलवल (वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस) पर पलवल से मानेसर तक का हिस्सा अप्रैल 2016 में ही खोला जा चुका है। लगभग 52 किलोमीटर लंबाई के इस एक्सप्रेस वे शुरू होने से मानेसर तक वाहन फर्राटे भरने लगे हैं। अब शेष कार्य को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। मानेसर से कुंडली तक के काम को युद्धस्तर पर किया जा रहा है। जिसकी लम्बाई 83.32 किलोमीटर है। केएमपी एक्सप्रेस पलवल से शुरू होकर गुरुग्राम, मेवात, झज्जर व सोनीपत होते हुए सीधे कुंडली से जुडे़गा।वैसे तो केएमपी का निर्माण कार्य वर्ष 2010 में पूरा कर लिया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से बीच में इसका काम अधर में लटक गया था। भाजपा सरकार ने इस एक्सप्रेस वे के निर्माण को शुरू कराते हुए अब इसे पूरा कराने को लेकर डेडलाइन 30 जून तय की गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here