इंटरव्यू: हताशा और निराशा में विपक्ष आपा खो रहा है- योगी आदित्यनाथ

0
62

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के औद्योगिक विकास की रफ्तार के प्रति काफी आश्वस्त हैं और यह मानते हैं कि नए उद्योगों के आने से खुलने वाली लाखों नौकरियों की नई राह युवाओं का भविष्य बनाने वाली साबित होगी। योगी आदित्यनाथ ने हिन्दुस्तान लखनऊ के कार्यकारी संपादक के के उपाध्याय के साथ बातचीत में राम मंदिर से लेकर अपराध नियंत्रण तक तमाम ज्वलंत मुद्दों पर अत्यंत बेबाकी और विस्तार के साथ अपनी राय व्यक्त की। बातचीत के प्रमुख अंश-
‘प्रदेश में भाजपा के राज को एक साल से अधिक बीत चुका है, इस कार्यकाल को आप किस तरह से देखते हैं?
हमारा पहले दिन से ही गांव, किसान, दलित और वंचित वर्ग पर फोकस है। इसी को आधार मानकर हमने काम शुरू किया। किसानों के कर्जे माफ हुए। उन्हें उनकी फसल का उचित दाम मिलने लगा। धान की रिकॉर्ड खरीद हुई। अब गेहूं की खरीद चल रही है। बिचौलियों का राज समाप्त हुआ है। किसानों की आय को दोगुना करना हमारा लक्ष्य है। आज देश में यूपी गेहूं, गन्ना और दूध के उत्पादन में नंबर एक पर है और धान के उत्पादन में नंबर दो पर। वर्षों से लंबित पड़ी सिंचाई योजनाओं पर काम शुरू हो गया है। इसके अलावा दलितों के लिए, वंचितों के लिए हमारी सरकार संकल्पित है।
‘दलितों की आपने बात की, पिछले दिनों दलित संगठनों के आंदोलन के दौरान बड़ी हिंसा व तोड़फोड़ हुई। कहा जा रहा है कि सरकार आंदोलन को संभालने में नाकाम रही?
देश में भाजपा की बढ़ती हुई ताकत से विचलित कुछ विध्वंसक ताकतों की यह साजिश थी। ये लोग समाज को बांटने का कार्य कर रहे हैं। जातिगत हिंसा उसी का परिणाम थी। सरकार ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगी। ऐसे लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा। सरकार ने समय रहते सख्त कार्रवाई की भी है।.
‘आपके विरोधियों का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी दलितों और अल्पसंख्यकों से भेदभाव कर रही है?
जो लोग उभरते हुए भारत को और एक सुरक्षित भारत को नहीं देखना चाहते, वे ही ऐसी बातें कर रहे हैं। जब हम सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं, तो उसमें दलित, वंचित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, सभी तो शामिल हैं। वर्ष 2022 तक हर गरीब को आवास देंगे, तो क्या जाति पूछ कर देंगे? करोड़ों शौचालय बनाए गए हैं, वे सभी के लिए बने हैं। लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। जब उज्ज्वला योजना की गैस मिलती है, तो सभी वर्गों को इसका लाभ मिलता है। ये सब दलितों-वंचितों के उत्कर्ष के लिए ही तो हुआ है। जब सौभाग्य योजना में बिजली कनेक्शन किसी को मिलता है, तो उसका सर्वाधिक लाभ किसी वंचित को, दलित को ही मिलता है। जो लोग भाजपा को दलित विरोधी बता रहे हैं, उन्हे समाज खारिज कर चुका है। हम बगैर भेदभाव के काम कर रहे हैं।
‘उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के बीच 2019 के लिए गठबंधन तय माना जा रहा है, ऐसे में भाजपा क्या 2014 दोहरा पाएगी?
ये हताश और निराश लोग हैं। हताशा और निराशा में विपक्ष आपा खो रहा है। यह एकजुटता भी हताशा-निराशा की ही उपज है। ये लोग मुद्दों पर चर्चा ही नहीं कर सकते। जब कुछ नहीं कर सके, तो लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाने लगे। ये लोग दलितों-पिछड़ों को भड़काकर अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं, लेकिन जनता इन्हें समझ चुकी है। ये अवसरवाद का गठबंधन है। जो दल कभी एक-दूसरे के नेता को देखना तक नहीं चाहते थे, वे आज एक होने की बात कर रहे हैं। ये जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं। इन्हें 2019 में जनता ही जवाब देगी। भाजपा अपने कामों से फिर वही जीत दोहराएगी।
‘अति पिछड़ों और दलितों को आरक्षण में विशेष प्रावधान का इरादा आपने सदन में जाहिर किया था। विशेषज्ञ कहते हैं कि संविधान इसकी इजाजत नहीं देता, जबकि विपक्ष इसे फूट डालने की साजिश कह रहा है। कैसे कर पाएंगे आप?
इस संबंध में हमारी सोच यह है कि जो वंचित हैं, शासन की योजनाएं जिन तक नहीं पहुंची हैं, उन्हें भी लाभ मिले। जाट आरक्षण के मुद्दे पर एक मामला हाईकोर्ट में पहुंचा हुआ है। अदालत ने सरकार से भी राय मांगी है। हम उसका भी अध्ययन कर रहे हैं। जिन लोगों को समाज से काटने की कोशिश हुई, सरकारी सेवाओं में आने से जिन्हें रोका गया, उन्हें भी शासन की योजनाओं का लाभ मिलना ही चाहिए। सरकार सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। इसके लिए एक चार सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी गई है। यह कमेटी शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, फिर जो सबके हित में होगा, वह निर्णय लिया जाएगा।
‘उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की हालत अच्छी नहीं है। झांसी में तो कटे पैर को ही तकिया बना दिया गया, ज्यादातर मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के पद खाली हैं, आखिर यह ढांचा कैसे सुधरेगा?
यह सही है कि मेडिकल कॉलेज या अस्पतालों में इस समय फैकल्टी का भारी अभाव है। इसके लिए उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन को कहा गया है। आयोग ने नियुक्ति की प्रक्रिया तेज कर भी दी है। मेरिट से सब तय होगा। यह कमी शीघ्र ही पूरी हो जाएगी। बाकी समस्याएं जो आपने कही हैं, वे भी गंभीर हैं। उन पर कड़ाई से कार्रवाई की गई है। दोबारा न हो, यह सुनिश्चित किया गया है।
‘गोवंश वध और बूचड़खानों पर सख्ती के बाद नई समस्या सामने आई है। प्रदेश में लोग कह रहे हैं कि शहरों की सड़कों पर और गांवों के खेतों में आवारा पशुओं का कब्जा हो गया है। किसान फसल नष्ट होने से परेशान हैं। क्या कोई ठोस नीति इसके लिए बना रहे हैं?
यह चिंता का विषय है। समस्या का समाधान करने की दिशा में कार्य प्रारंभ कर दिया है। बुंदेलखंड के सात जिलों और प्रदेश के 16 नगर निगमों में बड़े-बड़े गौ-अभयारण्य बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है। साथ ही गोवंश की उन्नत नस्ल आ सके, इस पर भी हमारी सरकार ने काम प्रारंभ किया है। आने वाले दिनों में यह समस्या न रहे, ऐसे प्रयास तेजी से चल रहे हैं।
‘गांवों में रोजगार के लिए आपकी सरकार क्या कर रही है? खास तौर पर महिलाओं के लिए?
सबसे पहले तो हम महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में कार्य कर रहे हैं। प्रदेश में 60 हजार ग्राम पंचायतें हैं। एक लाख राजस्व गांव हैं। हम महिला स्वयंसेवी समूह गठित कर रहे हैं। इन समूहों को रिवॉल्विंग फंड दिया जाएगा। इनमें महिलाएं दुग्ध उत्पादन, डेयरी, मुर्गी पालन, सिलाई-कढ़ाई के साथ पापड़, अचार जैसे फूड प्रोसेसिंग वाले काम भी करेंगी। इससे इनकी आय भी बढ़ेगी और ये आत्मनिर्भर होंगी। इससे ग्रामीण महिलाओं का जीवन स्तर भी बदलेगा। आर्थिक खुशहाली आएगी।
‘रोजगार को लेकर हताशा का माहौल है। नई नौकरियां नहीं सृजित हो रही हैं। इस दिशा में क्या कोई ठोस नीति आपकी सरकार के पास है?
उत्तर प्रदेश में पांच लाख से अधिक सरकारी नौकरियों के रास्ते खुले हैं। 35 हजार कांस्टेबल भर्ती किए जा रहे हैं। एक जून से तो इनकी ट्रेनिंग भी शुरू हो जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग में 12,460 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। 68,500 शिक्षकों, 2,000 माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती जल्द होनी है। रोजगार का कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। तीन साल में 20 लाख से अधिक युवाओं के लिए हम रोजगार के अवसर खोलने जा रहे हैं। केंद्र सरकार के कई बड़े प्रोजेक्ट नौकरियों की भरमार लेकर आ रहे हैं। इनमें गोरखपुर में खाद कारखाना, रायबरेली और झांसी में रेल कारखाना, फतेहपुर में रेल पार्क शामिल हैं। इनके अलावा, 20 हजार करोड़ का डिफेंस कॉरिडोर रोजगार की दिशा में बड़ा कदम साबित होने जा रहा है।
‘हाल ही में प्रदेश में बड़े जोर-शोर से इन्वेस्टर्स समिट हुआ। पुराने अनुभव हैं कि ऐसे समिट की घोषणाएं जमीन पर नहीं उतर पातीं। यहां हुई घोषणाओं को अमली जामा पहनाने की दिशा में क्या काम हुआ?
55 हजार करोड़ के ‘एमओयू’ तो तैयार हैं, इन सभी का भूमि पूजन भी जल्द ही होने जा रहा है। आने वाले छह महीनों के भीतर हम दो लाख करोड़ तक के ‘एमओयू’ जमीन पर उतार देंगे। इस बार बिचौलिए नहीं हैं। सरकार सीधे बात कर रही है। निवेशकों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। देखिएगा, इन निवेशों के बाद प्रदेश की तस्वीर ही बदल जाएगी।
‘प्रदेश में क्राइम की बात करें, तो तमाम एनकाउंटरों के बाद भी अपराधिक घटनाएं रुक क्यों नहीं रही हैं?
जिस प्रदेश में आए दिन दंगे हुआ करते थे, आज वहां एक भी दंगा नहीं हो रहा। अपराधी पड़ोसी प्रदेशों में शरण लेने भाग रहे हैं या फिर गिरफ्तार हो रहे हैं। बड़े-बड़े अपराधी बेल नहीं, जेल मांग रहे हैं। अपराधियों में भय का माहौल है। अपने सीने पर तख्ती लगाए वे रहम की भीख मांग रहे हैं। सुधरने का वादा कर रहे हैं। प्रदेश में वर्षों से संगठित और राजनीतिक संरक्षण में जो अपराध चल रहे थे, वे अब समाप्त हो चुके हैं। अभी जो घटनाएं हो रही हैं, वे रंजिशन या फिर छिटपुट घटनाएं हैं। इन वारदातों पर भी जल्दी ही काबू पा लिया जाएगा।
‘राममंदिर आपका पुराना विषय है और मांग भी रही है। चुनावी सभाओं में भी आपने राम मंदिर की बातें की थीं।
सरकार के स्तर पर कहीं किसी प्रकार की पहल नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर लेना चाहिए। बातचीत से यदि इस मुद्दे का समाधान निकलना होता, तो अब तक हो चुका होता। लेकिन राम जन्मभूमि के मुद्दे पर जन-भावनाओं का सम्मान हो, यह हमारी भी हार्दिक इच्छा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here