त्वचा के कैंसर का पता लगाने में डॉक्टर से ज्यादा सक्षम ‘एआई’

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त्वचा के कैंसर का पता लगाने के लिए कंप्यूटर डॉक्टरों से ज्यादा बेहतर हैं! एक शोध के दावे के बाद इंसान बनाम मशीन को लेकर बहस फिर से छिड़ गई है। जर्मनी, अमेरिका और फ्रांस के शोधकर्ताओं की टीम का मानना है कि ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (एआई या कृत्रिम बुद्धिमत्ता) प्रणाली खतरनाक त्वचा के निशानों से लेकर गहरे घावों तक ज्यादा बेहतर ढंग से पता लगा सकता है। इस दावे के लिए टीम ने एक लाख से ज्यादा तस्वीरों को कंप्यूटर और डॉक्टर दोनों के समक्ष रखा।
अनुभवी डॉक्टरों को चुनौती
‘जर्नल एनल्स ऑफ ऑन्कोलॉजी’ में प्रकाशित शोध के मुताबिक एआई द्वारा संचालित संक्रामक तंत्रिका नेटवर्क (सीएनएन) को चुनौती देने के लिए 17 देशों के 58 त्वचा के विशेषज्ञों को चुना गया और इन्हें ये तस्वीरें दिखाई गईं। इनमें से आधे से ज्यादा डॉक्टरों के पास पांच साल से ज्यादा का अनुभव था जबकि 19 फीसदी डॉक्टरों के पास ढाई साल का अनुभव था। इसके अलावा 29 फीसदी ऐसे थे, जिनके पास दो साल से कम का अनुभव था। सीएनएन ने अधिकतर डॉक्टरों से बेहतर प्रदर्शन किया।
एआई ने 95 फीसदी सही पहचान की
मांस और रक्त से जुड़े विशेषज्ञ त्वचा कैंसर के 86.6 फीसदी लक्षण को सही ढंग से बता सके जबकि सीएनएन ने 95 फीसदी सही पहचान की। ऐसे बहुत ही कम निशान रहे, जिसे सीएनएन पहचान नहीं सका। इसका मतलब यह हुआ कि मशीन त्वचा विशेषज्ञों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील है। इसके अलावा सीएनएन ने बहुत ही कम निशान को गलत पकड़ा। इससे कई गैर जरूरी ऑपरेशन से बचा जा सकता है। चिकित्सकों को जब मरीज और उनकी त्वचा के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई तो उनके प्रदर्शन में सुधार आया। ऐसे में शोधकर्ताओं का मानना है कि त्वचा के कैंसर का जल्द से जल्द पता लगाने के लिए एआई काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

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