बैंक हड़तालः दूसरा दिन आज, पहले दिन 20 हजार करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित

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बैंक हड़ताल का आज दूसरा दिन है। कल पहले दिन सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के करीब 10 लाख कर्मचारियों की हड़ताल का व्यापक असर दिखा और बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। भारतीय बैंक संघ द्वारा वेतन में दो प्रतिशत वृद्धि की पेशकश के विरोध में कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर हैं। एसोचैम ने कहा कि हड़ताल से 20 हजार करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है।
लाख बैंककर्मी देशभर में हड़ताल में शामिल
हड़ताल के दौरान विभिन्न राज्यों से बैंकिंग कामकाज में दिक्कत की खबरें आई हैं। केरल, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में अन्य राज्यों की तुलना में हड़ताल का असर अधिक दिखा।
प्राइवेट बैंकों में हुआ काम
हालांकि आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक जैसे प्राइवेट बैंकों में काम सामान्य तौर पर चल रहा है। सिर्फ चेक से संबंधित कुछ सेवाएं बाधित हुई हैं। हड़ताल महीने के आखिर में पड़ने से सैलरी का इंतजार भी बढ़ गया है। वहीं, कुछ एटीएम मशीनों के भी कैशलेश होने की संभावना है। इसके अलावा शाखाओं में डिपोजिट, एपडी रिन्यू, सरकारी खजाने से जुड़े काम और व्यापार से जुड़े इत्यादि अन्य कामों पर इस हड़ताल का असर देखा जा सकता है।अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ने बयान में कहा कि कम वेतन वृद्धि के प्रस्ताव के विरोध में 21 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, 13 पुराने पीढ़ी के निजी बैंकों, छह विदेशी बैंकों और 56 ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। रिजर्व बैंक ने एक अधिकारी ने कहा कि डिजिटल बैंकिंग से जुड़े कुछ कामों को आरटीजीएस जैसी इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के माध्यम से किया गया लेकिन बैंकों के सर्वरों से जुड़ा कामकाज प्रभावित हुआ।अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव सी . एच . वेंकटाचलम ने कहा कि बैंक और उनके कर्मचारी संघों के बीच कई दौर की वार्ताओं के विफल होने के बाद यूनियन फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन (यूएफबीयू) ने प्रस्तावित दो फीसदी वेतन में इजाफे के विरोध में दो दिन की हड़ताल पर जाने का फैसला किया, क्योंकि पिछली बार 15 फीसदी वेतन वृद्धि दी गई थी। यूएफबीयू नौ बैंकों के कर्मचारी संघों का सम्मिलित संगठन है। अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) के संयुक्त महासचिव रविंद्र गुप्ता ने कहा, ‘इस तरह की वेतन वृद्धि का प्रस्ताव, एक तरह से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मियों का अपमान है। हमारे पास हड़ताल पर जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था।’
बैंकों में रही हड़ताल, 450 करोड़ का कारोबार प्रभावित
बता दें, देश में 21 सरकारी बैंकों की करीब 85,000 शाखाएं हैं जिनकी बाजार हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत है। इस हड़ताल में शामिल होने की जानकारी भारतीय स्टेट बैंक , पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत अधिकतर बैंकों ने पहले ही दे दी थी।
20,000 करोड़ रुपये के लेनदेन पर असर: एसोचैम
सार्वजनिक बैंकों के कर्मचारियों की दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल से 20,000 करोड़ रुपये के ग्राहक लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं। उद्योग संगठन एसोचैम ने यह बात कही। साथ ही उसने बैंक कर्मचारी संघों के संयुक्त मोर्चे यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) से हड़ताल वापस लेने का आग्रह किया है। एसोचैन ने बयान में कहा कि सार्वजनिक बैंक डूबे कर्ज की मार झेल रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक उनका घाटा मार्च 2018 तिमाही में बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने को है , जो कि इससे पिछली तिमाही में हुए घाटे 19,000 करोड़ रुपये के दोगुने से अधिक है।

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