यहां यौन उत्पीड़न आज भी नहीं है अपराध, अब सख्ती की तैयारी

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महिलाओं के वाहन चलाने पर लगे दशकों लंबे प्रतिबंध को हटाने के बाद रूढिवादी देश सऊदी अरब में यौन उत्पीड़न को आपराधिक गतिविधि घोषित करने की मांग उठ रही है। तकरीबन एक महीने बाद सऊदी अरब में महिलाओं के वाहन चलाने पर लगा प्रतिबंध हट जायेगा।शुरा काउंसिल ने सोमवार को पारित कानूनी मसौदे में कैबिनेट को सलाह दी है कि इस मामले में पांच साल की कैद और तीन लाख रियाल जुर्माने का प्रावधान किया जाए।सऊदी अरब के सूचना मंत्रालय ने एक बयान में शूरा काउंसिल की लतीफ अल शालन के हवाले से कहा है कि इस बिल का मसौदा देश में बेहद अहम साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कानून में बड़े खाली स्थान को भरेगा और प्रतिरोधक साबित होगा।
ऐसे बही बदलाव की बयार
सऊदी अरब दुनिया का ऐसा अकेला देश है जहां महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं है, किंतु यहां भी बदलाव की बयार शुरू हो गई है और इसी का नतीजा है कि रूढ़िवादी देश ने 24 जून से महिलाओं को भी गाड़ी चलाने की अनुमति देने का फैसला किया है। सामान्य यातायात विभाग के महानिदेशक मोहम्मद असरकारी बयान में बसमी के हवाले से कहा कि देश में महिलाओं के गाड़ी चलाना शुरू करने के लिए सभी आवश्यकताएं पूरी कर ली गई हैं। सितंबर 2017 में शाही आदेश में महिला के गाड़ी चलाने पर लगी दशकों पुरानी रोक को खत्म करने का ऐलान किया गया था। सऊदी अरब दुनिया में एकमात्र ऐसा देश है जहां महिलाओं के गाड़ी चलाने पर रोक है
।महिलाएं ही देंगी प्रशिक्षण
बसमी ने कहा कि 18 साल या इससे अधिक उम्र की महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने
की अनुमति होगी। देश के पांच शहरों में महिलाओं के लिए ड्राइविंग स्कूल स्थापित किए गए हैं और विदेशों में ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने वाली सऊदी अरब की महिलाएं इन स्कूलों में प्रशिक्षण देंगी। विदेश से ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने वाली महिलाएं पृथक प्रक्रिया से लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती हैं। इनमें उनके वाहन चलाने के कौशल को परखा जाएगा।

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