LIVE: पीएम मोदी ने जकर्ता में भारतीयों को अगले साल होनेवाले कुंभ का न्यौता दिया

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया में तीन चर्चों पर हाल में हुए आतंकवादी हमलों की आज कड़ी निंदा की और उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में जकार्ता के साथ मजबूती से खड़ा है। मोदी ने राष्ट्रपति जोको विदोदो से बातचीत के बाद एक बयान में कहा , ” मित्रों , मैं इंडोनेशिया में हाल के हमलों में निर्दोष नागरिकों की मौत से दुखी हूं। भारत ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करता है और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में इंडोनेशिया के साथ है।
कुंभ मेले के लिए निमंत्रण
जकार्ता में पीएम मोदी ने कहा कि इंडोनेशियन नागरिकों को यात्रा करने के लिए मुफ्त वीजा मिले। उन्होंने कहा कि आप में से कई लोगों ने भारत नहीं देखा होगा। आप सभी को अगले साल प्रयाग में होनेवाले कुंभ मेले में आने का निमंत्रण देता हूं।इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की आज़ादी के संघर्ष के शहीदों को आज श्रद्धांजलि देकर अपनी यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने यहां कलीबाता नेशनल हीरोज सिमेट्री में शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इंडोनेशिया की पहली आधिकारी यात्रा पर आए मोदी आज राष्ट्रपति जोको विदोदो से भी मिले।
15 एमओयू पर हुए दस्तख़त
बैठक के बाद पीएम मोदी ने आज कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। राष्ट्रपति जोको विदोदो से मुलाकात और डेलीगेशन स्तर की बैठक के बाद पीएम मोदी ‘पतंग प्रदर्शनी’ पहुंचे और महोत्सव का उद्घाटन किया। बैठक में रक्षा, विज्ञान, तकनीक, रेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत इंडोनेशिया के बीच 15 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।यह पतंग प्रदर्शनी बेहद खास है। इसे रामायण-महाभारत की थीम पर आयोजित किया गया है। पतंगों को भी उसी अंदाज में डिजायन किया गया है। पीएम मोदी पतंग महोत्सव उद्घाटन के दौरान पतंगबाजी करते भी दिखे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ पीएम मोदी ने पतंग उड़ाई।प्रदर्शनी के बाद मोदी इश्तिकलाल मस्जिद पहुंचे। उनके साथ राष्ट्रपति जोको विदोदो भी मौजूद रहे।वहीं इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेरडेका पैलेस पहुंचने पर राष्ट्रपति जोको विदोदो ने उनका स्वागत किया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच हुई चर्चा के बाद पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत, इंडोनेशिया के साथ खड़ा हमोदी ने कहा कि भारत-आसियान संबंध इतनी बड़ी शक्ति है जो सिर्फ भारत और पेसिफिक क्षेत्र में ही नहीं बल्कि इससे बाहर भी शांति की गारंटी देती है। मोदी ने कहा कि इंडो-पसिफिक क्षेत्र को लेकर दोनों देशों का एक सा रुख है। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिस और SAGAR राष्ट्रपति विदोदो की मैरिटाइम फलक्रम पॉलिसी से मेल खाती है।अपने साझा बयान में पीएम मोदी ने कहा कि रमजान के इस पवित्र महीने में भारत के सवा करौड़ लोगों की तरफ से इंडोनेशिया के लोगों की समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता की कामना करता हूं। उन्हें आगामी ईद-उल फितर के त्योहार के लिए भी बधाई दी।पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारे बीच हुए समझौतों से द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत मिलेगी। बता दें कि दोनों देशों के बीच रक्षा, विज्ञान, तकनीक, रेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत इंडोनेशिया के बीच 15 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
– हम 2025 तक द्वपक्षीय व्यापार को 50 बिलियन डॉलर के स्तर तक ले जाने के लिए अपने प्रयास दोगुना करेंगे।
– हम दोनों देशों के बीच हजारों साल से मजबूत सांस्कृतिक संबंध है, जिसकी झलक भारत के गणतंत्र दिवस परेड में दिखाई दी।
– हम 2019 में राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे।
मोदी ने कहा कि शिक्षा, विज्ञाव व प्रौद्योगिकी पर दोनों देश सहयोग बढ़ाएंगे। ये दोनों देशों के लिए खासकर युवाओं के लिए लाभकारी रहेगी
उन्होंने कहा कि हम 2019 में राजनयिक संबंधों की 70वीं वर्षगांठ मनाएंगे।
मेरडेका पैलेस में स्वागत समारोह के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान पीएम मोदी भारतीय परिधान और तिरंगा लिये पहुंचे बच्चों से मिले और उनसे कुछ बातचीत भी की।दक्षिण जकार्ता में कलीबाता हीरोज सिमेट्री इंडोनेशिया में सैनिकों का कब्रगाह है। इसे वर्ष 1953 में बनाया गया था और नवंबर 1954 म गया था जब पहली बार यहां किसी को दफनाया गया।भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट कर कहा, ”ऐसा नहीं हो सकता कि हम इंडोनेशिया की आजादी के संघर्ष में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि देना भूल जाएं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कलीबाता नेशनल हीरोज सिमेट्री में पुष्पांजलि अर्पित की और आगंतुक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किया।इंडोनेशिया की आजादी की लड़ाई में सेना के शहीद हुए और उस लड़ाई में भाग लेने वाले 7,000 से ज्यादा लोगों को इस कब्रगाह में दफनाया गया है।मोदी पूर्वी एशिया के तीन देशों की अपनी यात्रा के पहले चरण में कल इंडोनिशया की राजधानी जकार्ता पहुंचे। इंडोनेशिया की उनकी यात्रा का मकसद दो समुद्री पड़ोसियों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक हितों को मजबूती प्रदान करना है।
मंगलवार को पहुंचे इंडोनेशिया
मोदी ने जकार्ता पहुंचने के तुरंत बाद इंडोनेशियाई भाषा और अंग्रेजी में ट्वीट किया, जर्काता पहुंचा। भारत और इंडोनेशिया मित्रवत समुद्री पड़ोसी हैं, जिनके बीच गहरे सभ्यतागत रिश्ते हैं। यह यात्रा हमारे राजनीतिक,आर्थिक और सामरिक हितों को आगे बढ़ाएगी। बता दें कि वह बुधवार को विदोदो के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे। इस दौरान समुद्री सुरक्षा, व्यापार, रक्षा, सांस्कृतिक और अन्य द्विपक्षीय व अंतराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान कई समझौते पर हस्ताक्षर किए जाने की भी संभावना है। जानकारों की मानें तो वार्ता के दौरान इंडोनेशिया के सुमात्रा के उत्तर में स्थित सबांग द्वीप तक भारत को रणनीतिक पहुंच देने पर समझौता हो सकता है। हाल में इंडोनेशिया के समुद्री मामलों के समन्वय मंत्री लुहात पंडजियातन ने नई दिल्ली के दौरे के दौरान इसपर सकारात्मक रुख रखने की बात कही थी।
ये मुद्दें भी वार्ता के केंद्र में
प्रधानमंत्री मोदी के जकार्ता दौरे के दौरान इंडोनेशिया के बंदरगाहों और विशेष आर्थिक क्षेत्र में भारतीय निवेश पर भी समझौता हो सकता है। इससे भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाने में मदद मिलेगी। बता दें कि चीन इस क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली आधिकारिक इंडोनेशिया यात्रा है। जकार्ता रवाना होने से एक दिन पहले मोदी ने सोमवार को फेसबुक पर लिखा, प्रधानमंत्री के रूप में यह मेरी पहली इंडोनेशिया यात्रा है। राष्ट्रपति विदोदो के साथ 30 मई को बातचीत का इंतजार है। साथ ही भारत -इंडोनेशिया सीईओ फोरम में हमारा संयुक्त वार्तालाप होगा। मैं इंडोनेशिया में भारतीय समुदाय को भी संबोधित करूंगा। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच मजबूत और दोस्ताना संबंध हैं और उनके बीच ऐतिहासिक व प्राचीन जुड़ाव रहा है।

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