गीदड़भभकीः जैश सरगना मसूद अजहर ने भारत के फैसले का उड़ाया मजाक, कहा- अब और होगी फायरिंग

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आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) का सरगना मसूद अजहर ने भारत के एक फैसले का मजाक उड़ाया है। मसूद अजहर ने रमजान के दौरान जम्मू-कश्मीर में लागू सीजफायर को भारत सरकार की मजबूरी बताते हुए यह कहा है कि युद्धिविराम ने जेईएम के लिए खुला स्थान छोड़ दिया है।अजहर ने कहा कि भारत सरकार ने मजबूरी में संघर्ष विराम का ऐलान किया है और उसके पास दूसरा कोई चारा भी नहीं है। आपको बता दें कि अजहर के आतंकी संगठन ने इस हफ्ते जम्मू-कश्मीर में हुए कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटेलीजेंस सूत्रों ने बताया है कि अजहर फिलहाल पाकिस्तान के बहावलपुर में टिका है जहां वह नए-नए गुर्गों को आतंकी ट्रेनिंग दे रहा है। ट्रेनिंग प्रोग्राम 1 मई से शुरू किया गया है।मसूद अजहर ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा है कि भारत सरकार को मजबूरी में सीजफायर करना पड़ा। मसूद अजहर ने अपने इस संबोधन का एक ऑडियो टेप भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि अब कश्मीर में जैश आतंकी आसनी से घुस सकते हैं। ऑडियो टेप में मसूद अजहर ने कहा कि, ‘कश्मीर में फायरबंदी की खबरें आ रही हैं। आप परेशान तो नहीं हुए। दोस्तों ने फायरबंद नहीं की, जैश के लिए जगह छोड़ी है। जिस जगह फायर हो रहा था अब वहां पहले से ज्यादा होगा। और ऐसा फायर होगा, पहले वाले फायर की आवाज जल्दी बंद हो जाया करती थी, इसकी आवाज उसी तरह से गूंजेगी जिस तरह से जैश की आदत है। उसकी एक कार्रवाई पर दुश्मन 8-8 दिन, 40-40 दिन मातम किया करते हैं।’अजहर ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, कश्मीर में सीजफायर लागू नहीं हुआ है बल्कि कश्मीर में जैश के लिए जगह छोड़ी गई है। अजहर ने कहा कि अब दुशमन मातम मनाएंगे। अजहर ने दूसरे आतंकी संगठन का भी मजाक उड़ाते हुए कहा कि, यदि हिजबुल के लड़ाके अपना बलिदान भूल चुके हैं तो जैश उन्हें इसकी याद जरूर दिलाएगा।गौरतलब है कि, जम्मू जिले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर रविवार को पाकिस्तानी गोलीबाली व गोलाबारी में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के दो जवान शहीद हो गए जबकि छह नागरिक घायल हो गए। पुलिस ने कहा कि सीमा के परगवाल उपसेक्टर में पाकिस्तान द्वारा संघर्षविराम उल्लंघन में सहायक सबइंस्पेक्टर एस.एन.यादव और कॉन्सटेबल वी.के पांडे शहीद हो गए। इस दौरान घायल हुए पांच नागरिकों और एक बीएसएफ जवान को जम्मू के गवर्मेट मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।” पाकिस्तान रेंजर्स ने 30 गांवों और 10 बीएसएफ सीमा चौकियों को निशाना बनाया और सीमा पार से दागे गए गोले परगवाल बाजार में भी गिरे।जम्मू कश्मीर में सीमा पार से संघर्ष विराम के ताजा उल्लंघन पर प्रदेश की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने आज कहा कि भारत और पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशकों को आपस में एक बार फिर बातचीत कर यह रक्तपात बंद करना चाहिए।महबूबा ने कहा, ”सीमा पर संघर्ष विराम उल्लंघन दुर्भाग्यपूर्ण है और यह सैन्य अभियान महानिदेशकों के स्तर पर बातचीत के बाद हुआ है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। संघर्ष विराम उल्लंघन के दौरान सीमा सुरक्षा बल के दो जवानों के शहीद होने की घटना के बाद मुख्यमंत्री का यह बयान आया है ।मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों तरफ के लोग इस गोलीबारी में मारे जा रहे हैं। दोनों देशों के सैन्य अभियान महानिदेशकों को बातचीत कर इस रक्तपात को रोकना चाहिए। उन्होंने कहा, ”दोनों तरफ के लोगों की जान जा रही है। सैन्य अभियान के महानिदेशकों को दोबारा मुलाकात कर इस पर बातचीत करनी चाहिए तथा सीमा पर गोलीबारी और रक्तपात बंद होना चाहिए

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