नाराज शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलेंगे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह

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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह बुधवार को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से उनके आवास पर मुलाकात करेंगे। गौरतलब है कि बीजेपी से नाराज चल रहे गठबंधन सहयोगी शिवसेना द्वारा पालघर संसदीय उपचुनाव में अलग प्रत्याशी उतारे जाने की पृष्ठभूमि में शाह और ठाकरे की यह भेंट ज्यादा महत्वपूर्ण हो गयी है। भगवा पार्टी का यह कदम अपनी नाराज सहयोगी तक पहुंचने का एक प्रयास है, जो खुलकर उसके वरिष्ठ नेताओं की आलोचना करती है।शिवसेना सांसद संजय राउत ने बताया, ”अमित शाह ने उद्धव जी से मिलने के लिए वक्त मांगा है। इसके बाद उन्हें मुलाकात के लिए कल शाम का वक्त दिया गया है। उन्होंने चार साल के अंतराल के बाद ठाकरे से मुलाकात की आवश्यकता पर सवाल उठाया। हालांकि बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंतीवार ने कहा कि ठाकरे के साथ शाह की यह मुलाकात पार्टी की देशव्यापी ‘समर्थन के लिए संपर्क अभियान के तहत हो रही है। इसका महाराष्ट्र में पालघर एवं भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीटों पर हाल में हुए उपचुनाव से कोई लेना देना नहीं है।राउत ने कहा, ”पालघर उपचुनाव को हमने अकेले लड़ा और हमने दिखाया कि हम अकेले भी चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि हम हार गए लेकिन यह संदेश सबको गया। हमें चुनाव में (पालघर उपचुनाव में) लाखों वोट मिले, जहां हमने कभी अकेले कोई चुनाव नहीं लड़ा था। राउत ने कहा कि एनडीए के सहयोगी एक-एक कर भाजपा को छोड़ रहे हैं। बीजेपी के खिलाफ (लोगों में) नाराजगी है इसलिए अब पार्टी ने सुलह के उपाय करने शुरू कर दिये हैं।यह पूछे जाने पर कि क्या आगामी सभी चुनावों में शिवसेना यही रुख जारी रखेगी, इस पर राउत ने कहा कि पार्टी प्रमुख ठाकरे ने गहन विचार करने के बाद यह तय किया कि हम कोई गठबंधन नहीं करेंगे। राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, ”यह फैसला लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया। मैं नहीं समझता कि इस रुख में कोई बदलाव होगा।वहीं बीजेपी नेता मुनगंतीवार ने कहा कि शाह बीजेपी की देशव्यापी संपर्क कार्यक्रम के तहत ठाकरे एवं अन्य लोगों से मिलने वाले हैं। उन्होंने कहा, ” बीजेपी की ‘समर्थन के लिए संपर्क अभियान के तहत अमित शाह जी देशभर में यात्रा कर रहे हैं। उद्धव जी से उनकी यह मुलाकात इसी कार्यक्रम का हिस्सा है। शिवसेना अध्यक्ष के साथ-साथ वह समाज के विभिन्न वर्गों से करीब 15-20 लोगों से मुलाकात करेंगे।उन्होंने कहा, ”इसका हालिया उपचुनावों से कोई लेना-देना नहीं है। यह 2019 के चुनावों को लेकर संपर्क का एक प्रयास है। मोदी सरकार के चार साल का कार्यकाल पूरा करने पर बीजेपी ने 2019 लोकसभा चुनावों की तैयारियों के तहत ‘समर्थन के लिए संपर्क कार्यक्रम की शुरुआत की है।

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