कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार आज, राहुल गांधी देंगे कांग्रेस के मंत्रियों के नामों को मंजूरी

0
66

कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले राहुल गांधी बुधवार सुबह अपनी पार्टी के कोटे से मंत्री बनने वाले नेताओं और उनके विभागों से संबंधित सूची को मंजूरी देंगे। राहुल के साथ कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद राज्य के उप-मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक में सम्भावित मंत्रियों के नामों एवं विभागों पर कांग्रेस अध्यक्ष के साथ चर्चा हुई। बुधवार की सुबह वह इस पर अंतिम सहमति देंगे। इस मंत्रिमंडल विस्तार में 20 से अधिक मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है।पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और बुधवार को पार्टी के कोटे से शपथ लेने वाले नेताओं और उनको दिए जाने वाले विभागों की सूची प्रदान की। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, पार्टी के राज्य प्रभारी केसी वेणुगोपाल, उप-मुख्यमंत्री जी परमेश्वर, कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार और दिनेश गुंडुराव ने मंगलवार शाम गांधी से मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि एक घंटे से अधिक समय तक चली इस मुलाकात के दौरान बुधवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्य रूप से चर्चा की गई।दोनों पार्टियों के बीच हुए समझौते के अनुसार कांग्रेस कोटे से 22 और जेडीएस कोटे से मुख्यमंत्री सहित 12 मंत्री होंगे। सूत्रों का कहना है कि बुधवार को कांग्रेस कोटे से करीब 12 और जेडीएस कोटे से आठ मंत्री शामिल किए जा सकते हैं। जेडीएस महासचिव कुंवर दानिश अली ने बताया, ‘बसपा के एकमात्र विधायक एन महेश भी गुरुवार को शपथ लेंगे। हम गठबंधन धर्म का पालन करते हुए अपने कोटे से बसपा विधायक को मंत्रिमंडल में जगह दे रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि बुधवार के शपथ ग्रहण समारोह में बसपा के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा शामिल होंगे।समझौते के मुताबिक कांग्रेस को गृह, स्वास्थ्य, राजस्व और कृषि जैसे विभाग मिलेंगे। वहीं, जेडीएस को वित्त, आबकारी, पीडब्ल्यूडी आदि विभाग मिलेंगे। सूत्रों के मुताबिक दोनों पार्टियां कुछ विभागों को रिक्त रख सकती है। जेडीएस ने क्षेत्र के आधार पर मंत्रियों को शामिल करने का फैसला किया है। बता दें, जेडीएस और कांग्रेस ने 12 मई के विधानसभा चुनाव के त्रिशंकु नतीजे आने के बाद राज्य में गठबंधन किया था। सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते राज्यपाल से मिले न्योते के बाद भाजपा ने सरकार बनाई थी लेकिन विश्वास मत का सामना किए बगैर ही 19 मई को बीएस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here