बिहार में शराबबंदी कानून में हो सकता है बदलाव ! CM नीतीश कुमार ने दिए संकेत

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को शराबबंदी कानून के प्रावधान में कुछ संशोधन के संकेत दिए। बापू सभागार में युवा जदयू के संकल्प सम्मेलन में उन्होंने कहा कि गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर 2016 को नया शराबबंदी कानून लागू किया गया। उस समय विज्ञापन निकालकर लोगों की राय ली गयी। राजनीतिक दलों से सुझाव लिया। अभी मामला सुप्रीम कोर्ट में है। ऐसा न समझा जाए कि वे बात नहीं सुनते। विचार मंथन कर रहे हैं। कुछ चीजों में जो संशोधन करना है, वह भी करेंगे। अकारण लोगों को कष्ट न झेलना पड़े, यह भी देखेंगे।नीतीश कुमार ने कहा कि शराबबंदी की तरह-तरह से व्याख्या हो रही है। चंद लोगों को कठिनाई हो रही है। जो कुछ बोल रहे हैं, समझिए वे बहुत परेशान हैं। इसका सबसे अधिक फायदा गरीब-गुरबों को हुआ है। जिसे मौका मिलता है वही घचपच करता है। सरकारी तंत्र में जो घचपच कर रहा है, उसपर मेरी नजर है। एक-एक चीज की समीक्षा कर रहे हैं। बड़ा काम करिएगा तो भुगतना तो पड़ेगा ही। मैं भुगतने को तैयार हूं।
सम्पूर्ण क्रांति दिवस और विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर नीतीश कुमार ने युवा जदयू के कार्यकर्ताओं को पर्यावरण की स्वच्छता और समाज सुधार अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया। अध्यक्षता प्रदेश युवा जदयू अध्यक्ष अभय कुशवाहा ने की। सम्मेलन को बशिष्ठ नारायण सिंह, आरसीपी सिंह, बिजेन्द्र प्रसाद यादव समेत कई नेताओं ने संबोधित किया।कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव का नाम लिए बगैर नीतीश कुमार ने कहा कि राजनीति में आज युवा ‘परिवार’ के दम पर आगे बढ़ रहे। उनकी पृष्ठभूमि देख लीजिए, क्या किया है उन्होंने? कहा कि राजनीति में युवा अपने बलबूते नहीं आएंगे तो राजनीति कुंठित हो जाएगी। राजनीति सही धारा से भटक चुकी है। जबतक छात्रों-युवाओं के बीच नया आंदोलन, बड़ा अभियान नहीं शुरू होगा तो राजनीति में कौन नौजवान आएगा। हमलोग छात्र आंदोलन से ही यहां तक पहुंचे हैं।नीतीश कुमार ने कहा कि राजनीति में आजकल जुबानी जंग चल रही है। कोई काम तो करना नहीं, दिन में पांच बार ट्वीट करना है। इससे राज्य या देश का क्या भला होना है? मैं ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देता। जबसे जनप्रतिनिधि हूं, सांसद, विधायक, केन्द्र में मंत्री, बिहार में मुख्यमंत्री के रूप में मौका मिला, पूरी निष्ठा से सेवा की। मेरी प्रतिबद्धता काम के प्रति है। करप्शन, क्राइम, कम्युनलिज्म को बर्दाश्त नहीं करेंगे। समाज में इज्जत तो उसी की होगी जो काम करेगा। जिनकी समाज सुधार में रुचि है, आने वाले समय में ऐसे लोग ही समाज का नेतृत्व करेंगे। जो अपनी सेवा में चिंतित हैं,उनका भविष्य उज्ज्वल नहीं है।नीतीश कुमार ने कहा कि उनका यकीन जातीय समीकरण में बिल्कुल नहीं है। 12 साल में सबके विकास के लिए काम किया है। समाज में जो अलग-थलग पड़े हैं उनके लिए काम किया है। अल्पसंख्यक कल्याण के लिए जो काम हुआ, इससे पहले कभी हुआ था क्या? इस विभाग का पहले बजट 3 करोड़ था, जो अब 800 करोड़ है। मदरसा और संस्कृत शिक्षकों को पहले कितने रुपए मिलते थे। कहा कि जोकीहाट में हमने वोट नहीं मांगा, कहा हमारा काम देखो। वोट चाहे किसी को दीजिए।

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