अटल पेंशन योजना बनाम NPS: जानिए टैक्स छूट समेत हर अहम बात

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इन दोनों ही योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली पेंशन 60 वर्ष की उम्र के बाद ही मिलना शुरू होती है
नई दिल्ली । चालू वित्त वर्ष के दौरान टैक्स बचाने के लिए अगर आपने अब तक किसी भी विकल्प में निवेश नहीं कर रखा है तो हम आपको अपनी इस खबर के माध्यम से ऐसे दो निवेश विकल्पों की जानकारी दे रहे हैं जहां आप 1,50,000 रुपये तक की टैक्स बचत कर सकते हैं। आपको ये छूट आयकर की धारा 80C के तहत मिलती है।ये दो विकल्प नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना (एपीवाई) हैं। ये दोनों ही सरकारी पेंशन योजनाएं हैं जिनके अलग-अलग फीचर्स हैं। जहां एक ओर अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र से संबंधित है वहीं एनपीएस का लाभ हर कोई ले सकता है। योजना में शामिल होने की उम्र से लेकर योगदान, कंट्रीब्यूशन, रिटर्न और टैक्स ट्रीटमेंट भी अलग होते हैं। फाइनेंशियल प्लानर आमतौर पर सुझाव देते हैं कि आपको ऐसे ही विकल्प का चुनाव करना चाहिए जिसके फीचर आपके मुफीद हैं। हालांकि किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले आपको इन दोनों स्कीम्स के बीच की बुनियादी बातें पता होनी चाहिए।उम्र: अटल पेंशन योजना और नेशनल पेंशन स्कीम की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है, हालांकि उम्र की अधिकतम सीमा इन दोनों ही योजनाओं में अलग-अलग है। एनपीएस के लिए अधिकतम उम्र सीमा 60 वर्ष है, जबकि अटल पेंशन योजना की उच्चतम उम्र सीमा 40 वर्ष है।निवेश सीमा: नेशनल पेंशन स्कीम में अधितकम निवेश की कोई सीमा नहीं है, इसमें कितना भी चाहे निवेश किया जा सकता है। जबकि अटल पेंशन योजना में आपको पहले से तय मासिक योगदान करना होता है, जहां व्यक्ति अपने वांछित लक्ष्यों को पाने के लिए न्यूनतम योगदान के साथ शुरुआत कर सकता है। उदाहरण के तौर पर अगर आपने 18 साल की उम्र से 210 रुपये के मासिक योगदान से शुरुआत की है तो 42 वर्षों बाद आपको 5,000 रुपये की पेंशन मिलने लगेगी। इस योजना के लिए राशि सालाना, छमाही, त्रैमासिक या फिर मासिक दी जा सकती है। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत आपको कितनी पेंशन मिलेगी यह बात आपकी योगदान राशि और योजना में प्रवेश की आयु पर निर्भर करती है।न्यूनतम निवेश और योगदान: एनपीएस में आप एक वित्त वर्ष के दौरान 500 रुपये मासिक और 6,000 रुपये का सालाना न्यूनतम योगदान दे सकते हैं। सब्सक्राइबर्स को हर वित्त वर्ष के दौरान एक निश्चित न्यूनतम योगदान देना होता है। वहीं अटल पेंशन योजना में आपको तीन मोड में योगदान करना होता है, मासिक, छमाही और अर्धवार्षिक आधार पर। इसका मतलब यह हुआ कि हर साल न्यूनतम दो योगदान जरूरी होते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर 18 वर्ष का सब्सक्राइबर अगर 42 रुपये प्रति माह और छमाही आधार पर 248 रुपये देता है तो उसे 60 वर्ष की उम्र के बाद 1000 रुपये प्रतिमाह की पेंशन मिलने लगेगी।रिटर्न: अटल पेंशन योजना में पहले से रिटर्न की पेशकश की जाती है जो कि 1,000 से 5000 के बीच होता है (1000 रुपये के गुणकों में)। हालांकि एनपीएस पर मिलने वाला रिटर्न बाजार आधारित होता है। इसका मतलब यह हुआ कि रिटर्न कई फैक्टर्स पर निर्भर हो सकता है, जिसमें मार्केट, मार्केट का मूवमेंट और टाइमिंग ऑफ एंट्री शामिल होने चाहिए।कौन हो सकता है सब्सक्राइबर्स: अटल पेंशन योजना में अकाउंट खोलने के लिए आपका या तो बैंक या फिर पोस्ट ऑफिस में बैंक अकाउंट होना चाहिए। एनपीएस में खाता कोई भी भारतीय खोल सकता है, यहां तक कि एनआरआई भी। हालांकि ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) और पीओआई (पीआईओ) कार्ड होल्डर्स के साथ साथ एचयूएफ (हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली) एनपीएस में अकाउंट खोलने के पात्र नहीं होते हैं। यह जानकारी एनडीएलएस ई-गवर्नेंस इन्फ्रास्ट्रक्चर, ने दी है जो कि एनपीएस का केंद्रीय रिकॉर्ड रखती है।अकाउंट के प्रकार: अटल पेंशन योजना में सिर्फ एक तरह के खाते की पेशकश की जाती है, जबकि एनपीएस में दो तरह के अकाउंट टियर-I और टियर-II। टियर- I अकाउंट नॉन विदड्रालेबल अकाउंट होता है, जहां सब्सक्राइबर तब तक पैसों की निकासी नहीं कर सकता है जब तक कि उसकी उम्र 60 वर्ष नहीं हो जाती है। जबकि टियर-II अकाउंट वॉलिंटियरी विदड्रॉलेबल अकाउंट होता है जहां किसी भी तरह से निकासी पर कोई प्रतिबंध नहीं है।मैच्योरिटी से पहले निकासी: अटल पेंशन योजना के सब्सक्राइबर्स को 60 वर्ष की उम्र से पहले निकासी की अनुमति मिलती है, हालांकि सिर्फ चुनिंदा परिस्थितियों में, जैसे कि किसी गंभीर बीमारी की सूरत में या फिर मृत्यु की सूरत में। यह जानकारी पीएफआरडी की वेबसाइट pfrda.org.in पर उपलब्ध है।समानताएं: इन दोनों ही योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली पेंशन 60 वर्ष की उम्र के बाद ही मिलना शुरू होती है। अटल पेंशन योजना में भी वही टैक्स बेनिफिट मिलता है जैसा कि नेशनल पेंशन सिस्टम में मिलता है। इसका मतलब यह हुआ कि अगर आपने अटल पेंशन योजना में निवेश कर रखा है तो आप आयकर की धारा 80CCD (1B) के अंतर्गत 50,000 रुपये की कर छूट का दावा कर सकते हैं। एनपीएस के लिए सेक्शन 80सीसीडी के तहत 50 हजार सालाना अतिरिक्त टैक्स छूट का प्रावधान किया है। ये छूट 80सी के तहत मिलने वाली 1.5 लाख की छूट के अतिरिक्त होगी। मतलब आप 2 लाख तक टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। मृत्यु होने की सूरत में आपकी पत्नी/ पति को मासिक पेंशन देना शुरु हो सकती है।

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