मिलिए तेलंगाना के सबसे कम उम्र के इंजीनियर कासीभट्टा संहिता से

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तेलंगाना में 16 वर्षीय छात्रा कासीबट्टा संहिता सबसे कम उम्र में इलेट्रिकल इंजीनियर बनने वाली पहली महिला बन गई है।
हैदराबाद । ऊर्जा के क्षेत्र में देश की सेवा करने के लक्ष्य के साथ तेलंगाना की 16 वर्षीय छात्रा कासिबट्टा संहिता राज्य में सबसे छोटी महिला इंजीनियर बन गई है। चार साल की उम्र में, संहिता ने चौथी कक्षा की पढ़ाई पूरी करके सभी को आश्चर्यचकित कर दिया था, और फिर 10 साल की उम्र में 89 प्रतिशत हासिल कर इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी कर ली। पढ़ाई में उसकी विलक्षण प्रतिभा ने सभी को चौंका कर रख दिया।
संहिता ने बताया, “मैं देश की सेवा करना चाहती हूं और इसे दुनिया के बाकी हिस्सों के बराबर लाने के लिए संभावित क्षेत्र में काम करना चाहती हूं। मैंने 10 साल की उम्र में कक्षा 10वीं पास कर ली। इंटरमीडिएट में 89 प्रतिशत के साथ 8.8 जीपीए हासिल किया। इसके बाद मैंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए सरकार से संपर्क किया क्योंकि इसके लिए मुझे आयु छूट (एज रिलैक्सेशन) की जरुरत थी। अनुमति मिलने के बाद मैंने इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग का चयन किया, जिसमें मैंने 8.85 जीपीए के साथ इसमें सफल हुई। “आखिरकार इसके बाद अब ये अति महत्वाकांक्षी 16 वर्षीय संहिता सबसे कम उम्र की इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रॉनिक्स में स्नातक करने वाली पहली महिला बन गई है। संहिता ने तेलंगाना सरकार को इंजीनियरिंग कॉलेज, चैतन्य भारती इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (सीबीआईटी) में सीट दिलाने में मदद करने के लिए धन्यवाद दिया। संहिता ने कहा कि “मुझे लगता है कि भारत में बिजली के क्षेत्र में और अधिक विकास की जरुरत है। यही कारण है कि मैं इस क्षेत्र का हिस्सा बनना चाहती हूं। मेरा अगला लक्ष्य एम टेक करना है और अगर सरकार अनुमति दे तो मैं अपना शोध शुरू करना चाहती हूं।इस बीच, संहिता के पिता एलएन कासिबट्टा ने कहा, “यह वास्तव में हमारे लिए बहुत गर्वपूर्ण क्षण है। हमने तीन साल की उम्र में संहिता का स्मृति शक्ति देखा। उस उम्र में देश और उसकी राजधानी के नाम उसकी जुबां पर रटे हुए थे। उसका अगला लक्ष्य प्रौद्योगिकी में स्नातकोत्तर करना है और इसके लिए हम राज्य और केंद्र सरकार के समर्थन की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि वह अपना शोध शुरू कर सके। “

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