लालू परिवार की बढ़ी मुश्किलें, पटना के दानापुर में निर्माणाधीन मॉल ED ने किया सील

0
100

पटना के दानापुर में बन रहे लालू परिवार के निर्माणाधीन मॉल को इडी ने सीज कर दिया है। यह जमीन राबड़ी देवी, उनके बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव और छोटे पुत्र तेजस्वी यादव के नाम पर है।
पटना। राजद अध्‍यक्ष लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की मुसीबतें कम नहीं हो रही है। कुछ दिनों पहले पार्टी और परिवार में खटर-पटर होने के बाद अब दानापुर में बन रहे निर्माणाधीन मॉल को इडी ने सील कर दिया है।बता दें कि इससे पहले भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने पटना के बेली रोड पर सगुना मोड़ के पास लालू यादव परिवार के बन रहे चर्चित मॉल के निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। 750 करोड़ की लागत से 115 कट्ठा जमीन में लालू के पुत्र उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का बन रहा बिहार का यह सबसे बड़ा मॉल है।बेली रोड स्थित यह जमीन पूर्व सीएम राबड़ी देवी, उनके बड़े पुत्र तेजप्रताप यादव और छोटे पुत्र तेजस्वी यादव के नाम पर है। जमीन पर बिहार का सबसे बड़ा मॉल बन रहा था। इस जमीन का सर्किल रेट 44.7 करोड़ रुपए है। लेकिन इसे लालू यादव की कंपनी लारा प्रोजेक्ट ने वर्ष 2005-06 में महज 65 लाख रुपए में खरीदी थी।ज्ञात हो कि मॉल की जमीन के बारे में सबसे पहले बीजेपी नेता और बिहार के वर्तमान डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने किया था। तब उन्होंने इस जमीन पर मॉल बनने का काम शुरू होते ही इसकी मिट्टी 90 लाख रुपए में बिहार सरकार के पर्यावरण और वन विभाग को बेचने का आरोप लगाया था। इस मामले में ईडी तेजस्वी और राबड़ी से पूछताछ कर चुकी है।सीबीआइ ने 7 जुलाई को लालू यादव और उनसे जुड़े लोगों के पटना और दिल्ली स्थित ठिकानों पर एक साथ रेड कर आइआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित होटलों को लीज पर देने में भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। सीबीआइ ने पटना में लालू और राबड़ी के सरकारी आवास समेत दिल्ली में उनकी बेटी और सांसद मीसा भारती के तीन फार्म हाउस पर रेड की थी। साथ ही राजद के राज्यसभा सदस्य प्रेमचंद गुप्ता तथा उनकी पत्नी सरला गुप्ता, रेलवे के होटलों को लीज पर लेने वाले विनय कोचर, विजय कोचर व आइआरसीटीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पीके गोयल के ठिकानों पर भी रेड की थी। सीबीआइ सूत्रों के अनुसार जमीन कोचर बंधुओं ने पहले प्रेमचंद गुप्ता की पत्नी सरला की कंपनी डिलाइट मार्केटिंग को दी की थी। बाद में उसे 65 लाख में लारा प्रोजेक्ट को हस्तांतरित किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here