एबी डिविलियर्स की युवा खिलाड़ियों को सलाह, कहा-मुश्किल फैसले लेने पड़ते हैं

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हाल ही में अचानक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर सभी को हैरान करने वाले दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज एबी डिविलियर्स का कहना है कि युवा खिलाड़ियों को सफल होने के लिए अपने खेल पर ध्यान देने और एकाग्र होने की जरूरत है। उनका कहना है कि युवा खिलाड़ियों को सफल होने के लिए कुछ चीजों से दूर रहने की जरूरत है, जो उन्हें आगे बढ़ने से रोक सकती हैं। डिविलियर्स ने युवा खिलाड़ियों को क्रिकेट सीख देते हुए कहा, “जब आप क्रिज पर कदम रखते हो और गार्ड लेते हो तो दो चीजें हमेशा अपने दिमाग में रखें- पहली चीज फील्डर की जगह ताकि आप गेंद को खाली जगह में खेल सकें, दूसरी वो जगह जहां आपको लगता है कि गेंदबाज गेंद फेंक सकता है।’डिविलियर्स ने कहा, ‘एक खिलाड़ी के जीवन में इस तरह की कई चीजें सामने आती हैं जो उसके ध्यान को भटका सकती हैं। जब आप शीर्ष पर पहुंच जाते हो तो हर कोई आपको पाना चाहता है।’ दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान ने कहा, ‘जब आप समाज में सामने उभर कर आते हो तो आपके कंधों पर उच्च स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने की जिम्मेदारी होती है। हर युवा खिलाड़ी को अगर सफल होना है तो उसे मुश्किल फैसले लेने होंगे, मेहनत करनी होगी और हमेशा अपने लक्ष्य की तरफ एकाग्रता से बढ़ना होगा।’वनडे में सबसे तेज शतक और अर्धशतक का रिकार्ड अपने नाम करने वाले डिविलियर्स ने अपनी जिंदगी के फलसफे के बारे में बताते हुए कहा, ‘अपने सपनों का पीछा करना, ईमानदारी से मेहनत करना, चाहें आप क्रिकेट के मैदान पर हों या घर पर और अपने आप पर विश्वास करना।’ मौजूदा क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में गिने जाने वाले डिविलियर्स ने 23 मई को अचानक से सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अंतररार्ष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी। 34 साल के डिविलियर्स ने उस समय कहा था कि उनके लिए संन्यास लेने का यह सही समय है।डिविलियर्स न सिर्फ अपनी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे, बल्कि वह मैदान पर एक बेहतरीन फील्डर के रूप में भी काफी चर्चित थे। इसी कारण उन्हें क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों की फेहरिस्त में जगह मिली। उन्हें मैच विजेता और मैच बदलने वाला खिलाड़ी माना जाता था। इस पर डिविलियर्स ने कहा, ‘यह अच्छी बात है जब लोग आपको मैच बदलने वाला खिलाड़ी बताते हैं, लेकिन अपने दिन पर कोई भी खिलाड़ी मैच का रूख बदल सकता है। मेरे लिए करियर ने 2008 में एक अलग मोड़ ले लिया था। इस दौरान मुझे पता चला था कि अपने आक्रामक खेल को और मजबूत करने के लिए मुझे अपने डिफेंस पर भी और मेहनत करनी होगी।’

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