खुलासाः भय्यूजी महाराज ने सेवादार के नाम की पूरी संपत्ति, सुसाइड नोट पर लिखा था ये नाम

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आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज की खुदकुशी के एक दिन बाद बुधवार को उनके कथित सुसाइड नोट का दूसरा अंश सामने आया है। इसमें उन्होंने अपनी चल-अचल संपत्ति का जिम्मा अपने एक विश्वस्त सेवादार को कथित तौर पर सौंपने की बात कही है।भय्यूजी महाराज ने कथित सुसाइड नोट में लिखा गया, मैं अपने सारे वित्तीय अधिकार, संपत्ति, बैंक खाते और (संबंधित मामलों में) दस्तखत का हक विनायक को सौंपता हूं, क्योंकि मुझे विनायक पर विश्वास है। मैं यह बात बिना किसी दबाव के लिख रहा हूं।इंदौर के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में पुष्टि की कि भय्यूजी महाराज ने कमरे से मिले पत्र में अपनी संपत्ति की जिम्मेदारी को लेकर अपने एक विश्वस्त सहयोगी पर भरोसा जताया है। मिश्रा ने विनायक के नाम का उल्लेख किए बगैर बताया, भय्यूजी महाराज के सुसाइड नोट के एक हिस्से में लिखा गया है कि वह भारी तनाव से तंग आने के कारण जान दे रहे हैं, जबकि इसके पिछले हिस्से में उन्होंने अपने उत्तराधिकार को लेकर उनके एक खास सेवादार पर भरोसा जताया, जो पिछले 15 साल से उनसे जुड़ा है।बता दें कि भय्यूजी के परिवार में दूसरी पत्नी आयुषी शर्मा और उनकी दो महीने की बेटी, पहली पत्नी से 17 वर्षीय बेटी कुहू और मां कुमुदिनी देशमुख है। इस बीच, इंदौर के विजय नगर क्षेत्र के मेघदूत मुक्तिधाम में भय्यूजी महाराज बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उनके पार्थिव शरीर को उनकी बेटी कुहू ने मुखाग्नि दी। आध्यात्मिक गुरु की अंत्येष्टि में समाज के अलग-अलग तबकों के सैकड़ों लोग शामिल हुए। इससे पहले उनके पार्थिव शरीर को अनुयायियों के अंतिम दर्शन के लिए आश्रम में रखा गया था।आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने मंगलवार को खुदकुशी कर ली थी। लेकिन भक्तों को इसपर विश्वास नहीं हो रहा है। उन्होंने साजिश की आशंका जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। इस बीच, मामले को देख रही पुलिस ने कहा कि वह जल्दबाजी में किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहती है और सभी कोणों पर जांच कर रही है।भय्यूजी महाराज के पार्थिव शरीर को अनुयायियों के दर्शन के लिए इंदौर के बापट चौराहा स्थित आश्रम में रखा गया था, जहां भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। कई भक्तों ने कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा है कि भय्यूजी महाराज खुदकुशी कर सकते हैं। महाराष्ट्र के जलगांव जिले से आए सम्भाजी देशमुख ने कहा, उनके गुरु कायर नहीं थे और आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठा सकते। उन्होंने कहा, हमें शक है कि साजिश के तहत भय्यूजी महाराज की हत्या कराई गई है। मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। देशमुख ने दावा किया कि महाराज को नुकसान पहुंचाने के लिए पहले भी प्रयास किए जाते रहे हैं।इस बीच, इंदौर रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अजय शर्मा ने बताया है कि भय्यूजी महाराज की खुदकुशी की शुरुआती जांच में पारिवारिक कलह की बात सामने आई है। लेकिन हम इसके अलावा कुछ अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से जांच कर रहे हैं। हम इस मामले में जल्दबाजी में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचेंगे।हालांकि, डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने हत्या के अटकलों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, मौके से मिले पक्के सबूतों और मामले की शुरुआती जांच के आधार पर हमें रत्ती भर भी संदेह नहीं है कि भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मारकर जान दी। घटना का स्वरूप और इसकी प्रकृति एकदम स्पष्ट है। उन्होंने खुदकुशी का बड़ा कदम क्यों उठाया, इसकी अलग-अलग पहलुओं पर विस्तृत जांच की जा रही है।पुलिस के एक अन्य आला अधिकारी ने बताया कि इंदौर बाइपास रोड के जिस बंगले में भय्यूजी महाराज ने मंगलवार को रिवॉल्वर से गोली मारकर खुदकुशी की। वहां से सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के साथ आध्यात्मिक गुरु का मोबाइल और कुछ अन्य गैजेट जब्त किए गए हैं। इनकी जांच की जा रही है।भय्यूजी महाराज के स्थानीय आश्रम में उनके नजदीक रहे लोगों का दावा है कि उनकीपहली पत्नी की बेटी कुहू और उनकी दूसरी पत्नी आयुषी के बीच जरा भी नहीं बनती थी। इन लोगों की मानें, तो कुहू और आयुषी के बीच विवाद के कारण कई बार अप्रिय स्थिति भी बनी, जिससे भय्यूजी महाराज जाहिर तौर पर तनाव में रहते थे।

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