पाकिस्तानः मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद को झटका, चुनाव नहीं लड़ पाएगी मिल्ली मुस्लिम लीग

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मुंबई हमले के साजिशकर्ता और जमात-उद-दावा के संस्थापक हाफिज सईद की राजनीतिक पार्टी चुनाव नहीं लड़ पाएगी। पाकिस्तान चुनाव आयोग ने सईद की पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग को राजनीतिक पार्टी के रूप में पंजीकृत करने की अर्जी खारिज कर दी।पाकिस्तान चुनाव आयोग ने जमात-उद-दावा (जेयूडी) की सियासी इकाई मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) को राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत करने की अर्जी पहले ही खारिज दी थी। तब सईद ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इस पर कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था कि वह एमएमएल की अर्जी खारिज करने के अपने फैसले की समीक्षा करे।अब्दुल गफ्फार सूमरो की अध्यक्षता वाली चुनाव आयोग की चार सदस्यीय पीठ ने बुधवार को अपने फैसले में एमएमएल को राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया। पीठ ने अपने संक्षिप्त आदेश में कहा कि गृह मंत्रालय की टिप्पणियों के मद्देनजर यह निर्णय किया गया है।गृह मंत्रालय ने एमएमएल के संबंध प्रतिबंधित जेयूडी के नेता सईद से होने के कारण उसे राजनीतिक पार्टी के तौर पर पंजीकृत किए जाने को लेकर आपत्ति जताई थी। मंत्रालय ने कहा था कि एमएमएल प्रतिबंधित जेयूडी की ही एक शाखा है। हालांकि एमएमएल ने इससे इनकार किया कि जेयूडी से उसके संबंध हैं या एमएमल के प्रमुख सैफुद्दीन खालिद का सईद से कोई रिश्ता है। एमएमएल ने कहा, हमारी अर्जी खारिज कराने के पीछे पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और उसके नेतृत्व का हाथ है।
पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होना है। इस चुनाव को ध्यान में रखकर ही जेयूडी ने बीते अगस्त में एमएमएल की स्थापना की थी। वह पिछले महीने से ही एमएमएल के लिए चुनाव प्रचार कर रहा है। उसने खुद चुनाव नहीं लड़ने का एलान किया किया है। लेकिन कुछ दिन पहले जेयूडी ने कहा था कि वह देशभर में राष्ट्रीय और प्रांतीय विधानसभा सीटों पर अपने 200 से ज्यादा उम्मीदवार उतारेगा।एमएमएल के चुनाव आयोग में पंजीकृत नहीं होने की संभावना को देखते हुए जेयूडी नेक एक निष्क्रिय राजनीतिक पार्टी अल्लाहू-अकबर तहरीक (एएटी) के मंच से अपने उम्मीदवारों को उतारने की घोषणा की थी। एएटी का चुनाव चिह्न कुर्सी है।बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की रिश्तेदार नूरजहां पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार होंगी। उनकी उम्मीदवारी को खैबर पख्तूनख्वा के चुनाव आयोग ने मंजूरी दे दी है। पाकिस्तान में 25 जुलाई को संसदीय और प्रांतीय चुनाव होने हैं।
नूरजहां पीके-77 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं। वह अवामी नेशनल पार्टी (एएनपी) से जुड़ी रही हैं। नूरजहां ने कहा, हमारे पूर्वज 1947 में बंटवारे के वक्त से एएनपी से जुड़े रहे हैं। मैंने विधानसभा में सामान्य और महिलाओं के लिए आरक्षित सीट दोनों के लिए एएनपी से टिकट मांगा था। लेकिन मुझे टिकट नहीं दिया गया। इसके बाद मैंने निर्दलीय उम्मीदवार बनने का फैसला किया।खैबर पख्तूनख्वा के चुनाव आयोग ने पेशावर शहर की एक सामान्य सीट से प्रांतीय विधानसभा का चुनाव लड़ने के लिए नूरजहां का नामांकन पत्र स्वीकार किया है। उन्होंने पाकिस्तान में उनके चुनाव में भाग लेने के कारण भारत में शाहरुख खान का आलोचना किए जाने पर नाखुशी जताई। उन्होंने कहा, हम जब भी फोन पर बात करते हैं तब हम फिल्मों और क्रिकेट की बात करते हैं, और कुछ नहीं।पाकिस्तान में 25 जुलाई को होने जा रहे आम चुनाव में 13 ट्रांसजेंडर उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं। ऑल पाकिस्तान ट्रांसजेंडर एलेक्शन नेटवर्क ने बुधवार को यह जानकारी दी। ‘डॉन’ अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रांसजेंडर समुदाय के दो नेता नायब अली और लुबना लाल पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ गुलालाई (पीटीआई-जी) की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि बाकी 11 निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।नेटवर्क ने बताया कि पेशावर और हरीपुर से ट्रांसजेंडर समुदाय के दो लोग अपना नामांकन नहीं भर पाए। लोगों को जब उनके चुनाव लड़ने की इच्छा का पता चला तो उनकी बहुत पिटाई की गई थी। ऑल पाकिस्तान ट्रांसजेंडर एलेक्शन नेटवर्क में ट्रांसएक्शन केपी, सिंध ट्रांसजेंडर वेलफेयर नेटवर्क, द बलूचिस्तान एलायंस फॉर ट्रांसजेंडर, इंटरसेक्स कम्युनिटी और पंजाब ट्रांसजेंडर फाउंडेशन शामिल हैं। ट्रांसएक्शन केपी की अध्यक्ष फरजाना जान ने कहा, इस चुनाव के बाद हम लोग अपनी अलग राजनीतिक पार्टी बनाने पर विचार करेंगे।

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