किसानों को प्रीमियम के मुकाबले तीन गुना हुआ भुगतान- राधा मोहन सिंह

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत कई राज्यों में चुकाए गए प्रीमियम से कई गुना ज्यादा दावों का भुगतान किया गया है। कृषि मंत्रालय के मुताबिक योजना किसानों को आर्थिक संकट से बचा रही है। इसी वजह से अब बड़ी संख्या में किसान इस योजना से जुड़ रहे हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा है कि फसल बीमा योजना के तहत कई राज्यों में किसानो को चुकाए गए प्रीमियम से काफी ज्यादा क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। यह फसल बीमा योजना की सफलता को दर्शाता है।वर्ष 2016 में छत्तीसगढ़, हरियाणा, केरल, कर्नाटक आदि राज्यों में बीमा कंपनियों को दिए गए प्रीमियम के अपेक्षाकृत 90 से 360 फीसदी अधिक दावा राशि बतौर मुआवजा किसानों को भुगतान किया गया है। कृषि मंत्रालय के अनुसार फसलों का बीमा कराने वाले किसानों की संख्या में इजाफा हुआ है। पहले फसल बीमा योजना में सिर्फ ऋणी किसानों की फसलों का बीमा किया जाता था। 2016-17 में पांच करोड़ 71 लाख किसानों ने बीमा कराया था। इसमें एक करोड़ 37 लाख गैर ऋणी किसान थे।खरीफ 2016-17 के आंकड़ों के अनुसार केरल राज्य में किसान व राज्य सरकार ने 8.58 करोड़ रुपये बतौर प्रीमियम जमा किया। जबकि आपदा में बर्बाद हुई फसलों का दावा 18 करोड़ रुपये था। यह चुकाए गए प्रीमियम का 210 फीसदी है।इसी प्रकार कर्नाटक में 876.35 करोड़ रुपये प्रीमियम अदा किया गया। जबकि किसानों को दावा राशि 1165 करोड़ रुपये (133 फीसदी) भुगतान किया गया। छत्तीसगढ़ में 317.19 करोड़ के प्रीमियम के मुकाबले 1159 करोड़ रुपये (366 फीसदी) दावा राशि का भुगतान किसानों को किया गया। इसी प्रकार रबी 2016-17 में तमिलनाडु में 1208.66 करोड़ प्रीमियम की अपेक्षाकृत 3286.84 करोड़ रुपये दावा राशि किसानों को दिया गया। सरकार ने अगले पांच साल के लिए राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में 61,000 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया है। पूर्व में यह राशि 33000 करोड़ रुपये थी।प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में प्राकृतिक आपदा में फसल नष्ट होने पर किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाता है। रबी फसल की बीमा का प्रीमियम 1.5 फीसदी रखा गया है और खरीफ फसलों का प्रीमियम दो फीसदी रखा गया है। वहीं, बागवानी व कमर्शियल फसलों की बीमा प्रीमियम पांच फीसदी होगा। किसान अपनी उपज का औसतन 150 फीसदी तक फसल बीमा करा सकते हैं।पुरानी फसल बीमा योजना में सिर्फ खड़ी फसल का बीमा किया जाता था और इसका प्रीमियम 15 फीसदी तक था। 11 फीसदी कैपिंग के चलते किसानों को उपज नुकसान का पूरा मुआवजा नहीं मिल पाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। कैपिंग को हटा देने से किसाना को उपज नुकसान का 100 फीसदी भुगतान किया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खेतों में खड़ी फसल, बुवाई के के समय पौधे-पैडी, खलिहान में पड़े अनाज आदि का भी बीमा किया जाता है। बीमा का प्रीमियम अधिक होने पर सरकार 90 फीसदी तक किसान की आर्थिक मदद करेगी। फसल नष्ट होने पर दावे का 25 फीसदी राशि का भुगतान तुरंत करने का प्रावधान है। जबकि 30-45 दिन के भीतर शेष 75 फीसदी राशि जारी करना अनिवार्य है।

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