राइफलमैन औरंगजेब की हत्या से पहले आतंकियों ने लिया था मेजर शुक्ला का नाम, जानें कौन हैं ये मेजर

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भारतीय सेना में राइफलमैन औरंगजेब जब ईद मनाने के लिए घर आ रहे थे तब गुरुवार की सुबह आतंकियों ने पुलवामा के कलामपोरा में उन्हें अगवा कर लिया। बाद में उनकी लाश कलामपोरा से 10 किलोमीटर दूर गुसु गांव में मिली थी। उनके सिर और गले में गोली मारी गई थी। औरंगजेब की हत्या से पहले आतंकियों ने उनका वीडियो शूट किया और उनसे कुछ सवाल पूछे। पूछताछ के दौरान आतंकियों ने मेजर रोहित शुक्ला का नाम लिया। अब सवाल ये उठता है कि मेजर शुक्ला हैं कौन?जम्‍मू कश्‍मीर के पुलवामा में हुए एनकाउंटर के बाद मेजर रोहित शुक्‍ला का नाम खूब चर्चा में रहा। इस एनकाउंटर के दौरान उन्‍होंने हिजबुल के आतंकी को ढेर किया था। मेजर शुक्‍ला को समीर टाइगर ने चैलेंज किया था और उन्‍होंने अगले ही दिन समीर टाइगर को ढेर कर दिया। 44 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के मेजर रोहित शुक्ला इस एनकाउंटर में घायल हो गए थे। जिसके बाद उन्हें श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया था। सर्जरी के बाद अब वह ठीक हैं। मेजर रोहित शुक्ला ने द्रब्गाम में हिजबुल कमांडर समीर टाइगर व उसके साथी आकिब खान को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। ऑपरेशन को अंजाम देने वाली सैन्य टुकड़ी की कमान मेजर रोहित शुक्ला संभाल रहे थे। मेजर को इससे पूर्व भी सफल ऑपरेशन के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा चुका है।मेजर रोहित के माता-पिता को उनकी इस बहादुरी पर गर्व है और वह अपने बेटे की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। उनके माता-पिता का कहना है कि उन्‍हें अपने बेटे पर बहुत गर्व है। मेजर रोहित देहरादून के रहने वाले हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्‍पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) और सीआरपीएफ की ज्वॉइंट टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया था। मेजर शुक्‍ला इस ऑपरेशन को लीड कर रहे थे और वह भी घायल हो गए हैं। सुरक्षाबलों ने पुलवामा के द्राबगाम में मुठभेड़ में समीर टाइगर के अलावा आकिब खान को भी मार डाला है।समीर टाइगर मई 2016 में हिजबुल में शामिल हुआ था और उसे बुरहान वानी का दायां हाथ माना जाता था। उसने मेजर शुक्‍ला को चैलेंज किया था। एक वीडियो में टाइगर ने मेजर शुक्ला को धमकी देते हुए कहा था कि मां का दूध पिया है तो लड़े। इस धमकी के 24 घंटे के भीतर ही टाइगर को मेजर शुक्ला ने ढेर कर दिया था। इस एनकाउंटर में मेजर शुक्ला के साथ तीन और जवान घायल हुए हैं और उनका इलाज श्रीनगर के बेस हॉस्पिटल में हुआ। अब तक कई बड़े ऑपरेशन में रहे हैं शामिल मेजर रोहित को घर पर प्‍यार से सब मोनू के नाम से पुकारते हैं। उनकी बहन एलएलबी कर रही हैं और मेजर शुक्‍ला सेंट जोजेफ एकेडमी से पढ़े हैं। सेना में कमीशंड होने के बाद वह कई बड़े ऑपरेशन में शामिल हो चुके हैं। उनके पिता की मानें तो उन्‍हें इस बात का गर्व है कि उनका बेटा देश की सेवा कर रहा है। वह कहते हैं कि फौज बनी है लोहा लेने के लिए।

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