करीना की नंद सोहा ने किया खुलासा, प्रेग्नेंसी के समय योग ने कैसे की मदद

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बॉलीवुड का योग से स्पेशल कनेक्शन रहा है। प्रेग्नेंसी के दौरान कई सेलिब्रिटीज ने योग करते हुए अपने फोटोज मीडिया के साथ शेयर किए हैं। लारा दत्ता और लिजा हेडन के साथ-साथ करीना कपूर की नंद सोहा अली खान ने भी बेबी बंप के साथ अपना योग पोज शेयर किया था। लेकिन आज इंटरनेशनल योगा डे के मौके पर उन्होंने बताया कि योग ने प्रेग्नेंसी के दौरान कैसे उनकी मदद की। वर्कआउट के आगे मैं लगातार योग करना पसंद करती हूं। योग का इतिहास पांच हजार साल पुराना है। योग सिर्फ वजन कम करना और कैलरी बर्न करने तक की सीमित नहीं है बल्कि यह गहरी सांस और मेडीटेशन के साथ पोज को स्ट्रेच करना और आपकी स्ट्रेंथ को बढ़ाता है। सोहा ने बताया कि इसमें योग के कई फॉर्म्स हैं जैसे हठ और अयंगर, लेकिन जो मैं अपने प्रेग्नेंसी के दौरान सबसे ज्यादा एंजॉय करती थी वो था अष्टांग वियासा, योग पोज की एक सीरिज जो एक पोज के साथ दूसरे पोज से जुड़ी होती है। और साथ-साथ आपको बिना किसी स्पष्टीकरण के फिर से फ्रेश कर देती है। मैंने सबसे पहले योग छह साल पहले किया था, जब मैं एक जैसे जिम वर्कआउट से उब गई थी। मैंने एक जगह पढ़ा था कि बॉडी की हेल्थ स्पाइन के लचीलेपन पर निर्भर करती है। और इसी के चलते मैंने एक अच्छे योग इंस्ट्रक्टर से बात की और योग क्लास जॉइन की।जब मैं प्रेग्नेंट थी तो मैं अपनी बॉडी को शेप में रखना चाहती थी। इतना ही नहीं अपनी बॉडी को लेबर पेन के लिए तैयार करना और बॉडी में आने वाले हॉर्मेनल बदलावों को देखते हुए मैं योग जॉइन करना चाहती थी। मुझे अपने योग रूटीन के लिए काफी व्यव्स्था करनी पड़ी क्योंकि मेरे पेट साइज में बढ़ रहा था और मैं चौथे महीने के बाद मैं कोई ऐसा पोज नहीं कर सकती थी, जिसके लिए मुझे पेट के बल और पीठ के बल सीधा लेटना पड़े।मैं ये जानती थी कि योग मुझे जीतना अंदरुनी फायदा करेगा, उनता ही बाहरी तौर पर भी फायदेमंद है। योग हार्मोन्स का संतुलन बनाने, निंद न आना, माइग्रेन और चक्कर आना जैसी परेशानियों को दूर करता है। लेकिन मैंने पाया कि योग से मैंने वर्कआउट के मुकाबले ज्यादा कैलरी बर्न की। और फिर मैंने अपनी ऐपल वॉच में योग को स्पेशल वर्कआउट में सेट कर लिया, ताकि मैं अपनी हार्ट रेट पर नजर रख सकूं। मुझे इसे लेकर काफी सतर्क रहने की जरूरत थी कि मैं इस टाइम में बॉडी के साथ ज्यादा खींचाव न करूं, क्योंकि प्रेग्नेंसी हॉर्मोंस की वजह से जॉइन्ट्स ढीले हो जाते हैं, जो आपके लिए घातक हो सकता है। प्रेग्नेंसी के आखिरी दिनों में योग क्लास के दौरान मुझे खुद की सांसे सुनने के लिए प्रेरित किया गया। मेरे पेट में हो रही हलचलों को करीब से सुनने और महसूस करने को कहा गया ताकि बेबी के साथ बॉन्ड बन सके।डिलीवरी के बाद भी मैं योग नियमित रूप से कर रही हूं, ताकि अपने वजन को कम कर सकूं। अपने हॉर्मोंन्स को फिर से बैलेंस करने और मां बनने के बाद लाइफस्टाइल में आए बदलावों और स्ट्रेस से निपटने के लिए योग महत्वपूर्ण है।

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