खराब मौसमः 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, अमरनाथ यात्रा स्थगित

0
177

पूरे देश में मानसून ने 16 दिन पहले ही दस्तक दे दी है। अमूमन मानसून पूरे देश में 15 जुलाई तक आता है, लेकिन इस साल ये शुक्रवार को ही पहुंच गया। भारी बारिश के चलते अमरनाथ यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। वहीं, अगले दो दिन तक देश के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले 2 दिन तक 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले दो दिन से कश्मीर घाटी में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बालटाल मार्ग पर जगह-जगह होने वाले भूस्खलन से शुक्रवार को इस मार्ग से अमरनाथ यात्रा निलंबित रही। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी बारिश से यातायात अवरुद्ध रहा। इसके बावजूद 2876 तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था यहां से बाबा बर्फानी के दर्शन को कश्मीर घाटी के आधार शिविरों की ओर रवाना हुआ। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) के एक अधिकारी ने कहा कि कई जगहों पर भूस्खलन की वजह से काली माता ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसकी वजह से बालटाल मार्ग से अमरनाथ यात्रा को रोकना पड़ा। हालांकि पहलगाम मार्ग से यात्रा चल रही है। इस बीच जम्मू में सुबह करीब 6:30 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच तीर्थयात्री 90 वाहनों के काफिले में भगवती नगर आधार शिविर से रवाना हुए। अधिकारियों के मुताबिक, बनिहाल-उधमपुर सेक्टर में भारी बरिश से पंथाल, नेदगार्ड, डिगडोल और समरोली में सुबह भूस्खलन की घटनाएं हुईं। पत्थर गिरने से 260 किलोमीटर लंबा राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। हालांकि संबंधित एजेंसियों ने जवानों और मशीनों को लगाकर सुबह करीब 9:15 बजे यथासंभव कम से कम समय में रास्ते साफ कराए। इससे फंसे हुए वाहन अपने गंतव्यों की ओर बढ़ सके। राजमार्ग अवरुद्ध होने से जगह-जगह जाम लग गया और वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए प्रयास जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय और दक्षिणी कर्नाटक, महाराष्ट्र का कोंकण, गोवा, केरल, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तरी गुजरात, तेलंगाना में शनिवार तक भारी बारिश का अलर्ट है। तीसरे जत्थे में कोई साधु और बच्चे नहीं हैं। इनमें से 315 महिलाओं समेत 2032 तीर्थयात्रियों ने परंपरागत 36 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग चुना, वहीं 229 महिलाओं समेत 844 लोगों ने 12 किलोमीटर लंबे बालटाल मार्ग को चुना। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए जाने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए यहां रेलवे स्टेशन पर एक हेल्पडेस्क बनाई है। सीआरपीएफ के जनसंपर्क अधिकारी आशीष कुमार झा ने बताया कि ‘मददगार’ नाम की इस डेस्क को जम्मूतवी रेलवे स्टेशन की प्लेटफार्म संख्या एक पर बनाया गया है, जो देश के विभिन्न भागों से आने वाले तीर्थयात्रियों को मदद उपलब्ध कराएगी। उन्होंने बताया कि यह हेल्पडेस्क 24 घंटे काम करेगी और बल के दो जवान तीर्थयात्रियों की मदद के लिए उपलब्ध रहेंगे। पारंपरिक पहलगाम मार्ग पर अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी की सीने में दर्द की शिकायत के बाद गुरुवार देर रात मौत हो गई। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीएसएफ की 182 वीं बटालियन के सहायक उपनिरीक्षक हरदयाल सिंह पहलगाम में बेताब घाटी में यात्रा ड्यूटी पर तैनात थे। रात 11 बजे उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कश्मीर घाटी में गुरुवार रात से लगातार बारिश होने और कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया जबकि श्रीनगर-लेह और मुगल रोड पर यातायात जारी है। यातायात पुलिस के अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण रामबन इलाके में भूस्खलन होने से कश्मीर घाटी को शेष देश से जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि राजमार्ग के रखरखाव के लिए जिम्मेदार सीमा सड़क संगठन(बीआरओ) मशीनों और मानव बल के जरिए भूस्खलन का मलबा हटाने के काम में पहले से युद्धस्तर पर जुटा हुआ है। कश्मीर घाटी में शुक्रवार को श्रीनगर सहित विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश हुई और अधिकारियों ने जलधाराओं के करीब रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। डोडा जिले में भारी बारिश के कारण 12वीं तक सरकारी व निजी स्कूलों को बंद कर दिया गया। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि कश्मीर के कई हिस्सों में सुबह से भारी बारिश हो रही है। उन्होंने कहा कि दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग में सबसे अधिक बारिश हुयी जहां सुबह साढ़े आठ बजे तक 63.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी में सुबह साढ़े आठ बजे तक 12.6 मिमी बारिश हुई। उन्होंने बताया कि उसके बाद बारिश की तीव्रता बढ़ गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.