प्रीमियम ट्रेनों में हवाई जहाज की तर्ज पर ब्रांडेड कंपनियों का खाना

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प्रीमियम ट्रेनों में 15 जुलाई से खानपान सेवा का स्वरूप पूरी तरह से बदल जाएगा। नई व्यवस्था में हवाई जहाज की तर्ज पर ट्रॉली से खाने की आपूर्ति होगी। स्वाद और गुणवत्ता के लिए ब्रांडेड कंपनियों के रेडी टू ईट (कॉम्बो) मील दिया जाएगा। उच्च शिक्षा प्राप्त वर्दीधारी वेंडर सलीके से खानपान सेवा को अंजाम देंगे। रेल मंत्री पीयूष गोयल अगले तीन माह में सभी ट्रेनों में खानपान की नई व्यवस्था लागू कर देंगे। रेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 जुलाई से 11 राजधानी एक्सप्रेस, 14 दुरंतो एक्सप्रेस व एक एसी स्पेशल ट्रेन में नई व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रीमियम ट्रेनों में खाने के मेन्यू में बदलाव किया गया है। इसमें ब्रेकफास्ट में चॉकलेट बार को शामिल किया गया है। लंच और डिनर में सूखी सब्जी और बोनलेस चिकन परोसा जाएगा। उन्होंने बताया कि परंपरागत खाने के बजाए ब्रांडेड कंपनियों का रेडी टू ईट खाना परोसा जाएगा। इससे खाने की गुणवत्ता, सफाई व स्वाद बेहतर होगा।
ट्रेन तक खाने को ई कार्ट से लाया जाएगा और यात्रियों को हाथों के बजाए वेंडर ट्रॉली से खाना परोसेंगे। खाने की ट्रे जैविक रूप से विघटित होने वाली होंगी जिससे पर्यावरण को कम नुकसान होगा। ठेकेदार प्रत्येक ट्रेन में दस प्वांइट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन वितरित करेंगे। कुल तीन हजार पीओएस खरीदी जाएंगी। खानपान बिक्री पीओएस से की जाएगा और यात्रियों को इसका बिल भी दिया जाएगा।ट्रेनों में खानपान सेवा की कमान आईआरसीटीसी इंस्पेक्टरों के हाथ में होगी। वे मौके पर ही ठेकेदारों पर जुर्माना भी कर सकेंगे। कड़ी निगरानी तंत्र से खानपान सेवा की गुणवत्ता बनाए रखने में आसानी होगी।
शताब्दी एक्सप्रेस के मीनू में बदलाव करने की योजना है। साथ ही सभी गरीब रथ ट्रेनों में मिनी पेंट्रीकार लगाने का कार्य आंरभ होगा। इसके लिए कोच में चार में से एक टॉयलेट को हटा दिया जाएगा। प्रयोग सफल होने पर चरणबद्ध तरीके से सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों में मिनी लगाने का काम किया जाएगा।

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