महाराष्ट्रः बच्चे के अपहरण की अफवाह में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या

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त्रिपुरा में हाल ही में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते भीड़ द्वारा तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या के बाद अब महाराष्ट्र में भी इस तरह का मामला सामने आया है। धुले जिले में ग्रामीणों ने बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य होने के संदेह में रविवार को पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी। धुले में साकरी तहसील के रेनपाड़ा गांव में पांच अनजान लोगों को संदिग्ध अवस्था में देख गांव वालों को शक हुआ कि ये बच्चा चोर हो सकते हैं। इसके बाद गांव वालों ने उन्हें पहले ईंट-पत्थर से मारा और फिर कमरे बंद कर बेरहमी से पीटा। कमरे में उन्हें इतना मारा गया कि उसी जगह पर पांचों ने दम तोड़ दिया। धुले एसपी के मुताबिक मामले में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। धुले के एसपी ने बताया कि कहा कि कुछ अन्य लोगों के साथ इन पांच लोगों को रेनपाड़ा में राज्य परिवहन की बस से उतरते देखा गया था। उन्होंने कहा कि उनमें से एक ने जब एक बच्ची से बातचीत करने का प्रयास किया तो साप्ताहिक रविवार बाजार के लिए वहां मौजूद लोगों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। पुलिस ने कहा, भीड़ के हमले में पांच लोग मारे गए। पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से अफवाह चल रही थी कि इलाके में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है। उन्होंने कहा कि शव को नजदीकी पिम्पलनेर अस्पताल ले जाया जाया गया है। पिम्पनेर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक मारे गए लोगों की पहचान नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि घटना में दो पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए हैं। सोशल मीडिया पर बच्चा चोर गिरोह के बारे में झूठी जानकारी वाले वीडियो और संदेशों से 20 मई से अब तक देशभर में 14 लोगों की हत्या हो चुकी है। पिछले दो महीनों में पश्चिम बंगाल, असम, त्रिपुरा, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और ओडिशा में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि पुलिस ने चेतावनी दी है कि लोग ऐसी अफवाहों पर विश्वास न करें। पिछले हफ्ते, त्रिपुरा के सबरूम शहर के लोगों ने नकली सूचना के खिलाफ मेगाफोन पर चेतावनी दे रहे सुकांता चक्रवर्ती की डंडों और ईंटों से मारकर हत्या कर दी थी। वहीं, त्रिपुरा के पश्चिम क्षेत्र मोहनपुर के मुराबारी में बच्चा चोर गिरोह के शक में एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी जबकि तीन अन्य घायल हो गए थे। असम के सोनितपुर में एक गांव की भीड़ ने मानसिक रूप से कमजोर एक महिला को बच्चा चोर समझकर खंभे पर बांधकर उसे प्रताड़ित किया। सोनितपुर के पुलिस अधीक्षक पी.सिंह ने बताया कि यह घटना शुक्रवार की रात उस समय हुई जब सोनितपुर जिले के थेलामारा पुलिस थाना क्षेत्र में एक गांव के आसपास एक महिला को घूमते हुए देखा गया। सिंह ने कहा, कुछ लोगों ने उससे पूछताछ की, लेकिन अपनी मानसिक स्थिति के कारण वह ठीक से जवाब नहीं दे सकी जिससे लोगों में यह आशंका पैदा हुई कि वह सोपाधारा (बच्चे उठाने वाली) है। इसके बाद लोगों ने उसे एक खंभे पर बांध दिया और उसे प्रताड़ित किया। उन्होंने बताया कि हालांकि स्थानीय लोगों और ग्राम रक्षा पार्टी (वीडीपी) के कर्मियों ने भीड़ को रोकने का प्रयास किया। सिंह ने कहा, हमारी टीम तुरंत पहुंची और महिला को बचाया। वह मामूली रूप से घायल हुई है और उसका एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने इस घटना को रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर शेयर किया। एसपी ने कहा,हमने एक मामला दर्ज कर लिया है और वीडियो बनाने वाले तीन लोगों की पहचान की है। कुछ अन्य लोगों की भी पहचान की गई है। हम कार्रवाई करेंगे और सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रवासी मजदूरों पर हमले की एक और घटना में रविवार को स्थानीय लोगों ने इस संदेह में दो लोगों को बुरी तरह पीट दिया कि वे एक बच्चे के अपहरण की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि हालांकि दोनों मजदूरों को बचा लिया गया और एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वेल्लूर जिले में हिंदीभाषी एक व्यक्ति को 28 अप्रैल को बच्चा चोर होने के शक में ग्रामीणों ने पीट-पीटकर मार डाला था।

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