कश्मीर: सुरक्षाबल आतंकियों से मुकाबले के साथ गांव भी गोद लेंगे

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कश्मीर में आतंकियों से निपटने के साथ-साथ सुरक्षाबल विकास कार्यों में भी अहम भूमिका निभाएंगे। केंद्र सरकार ने सुरक्षाबलों को घाटी में विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनाने की रणनीति का हिस्सा बनाने का फैसला किया है। इसके तहत सुरक्षाबल कुछ गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए जागरुकता अभियान चलाएंगे। केंद्र सरकार ने कश्मीर में 12 बिलियन यूएस डॉलर की विकास योजनाओं का काम तेज करने के लिए केंद्रीय विभागों व केंद्रीय एजेंसियों को निर्देश दिए हैं। केंद्र का इरादा 2019 चुनाव के पहले घाटी की स्थिति में आमूल परिवर्तन लाने का है। सरकार का मानना है कि विकास योजनाओं को अमल में लाने की रणनीति में सुरक्षाबलों के शामिल होने से उन्हें स्थानीय समर्थन व सहानुभूति हासिल होगी। सुरक्षा बल कुछ गांवों को गोद लेकर वहां शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए जागरुकता अभियान चलाएंगे। वे सरकार द्वारा स्थानीय लोगों के कल्याण के लिए शुरू की जा रही योजनाओं की जानकारी देने के अलावा उन्हें योजना का लाभ दिलाने में भी मदद करेंगे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि केंद्र सरकार सड़क, ऊर्जा, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, जलसंसाधन, खेल, रोजगार सृजन से संबंधित करोड़ों रुपये की योजनाओं पर काम कर रही है। राज्यपाल शासन के बाद योजनाओं को गति देने का एक्शन प्लान नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। जम्मू क्षेत्र, लद्दाख व कश्मीर घाटी में समन्वय के साथ विकास योजनाओें को अमलीजामा पहनाने को कहा गया है। सरकार चाहती है कि आतंकियों पर बेहद सख्ती के साथ आम लोगों के प्रति विकास से जुड़ाव की नीति नजर आनी चाहिए। गृह मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों को विकास योजनाओं से जोड़ने का मकसद आम लोगों की नजर में सुरक्षा बलों की छवि बदलना है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में करीब 3200 स्वास्थ्य केंद्रों को ऑपरेशनल किया गया है। रिमोट इलाकों में सड़कों का जाल बिछाने का प्रयास हो रहा है। आतंकियों द्वारा क्षतिग्रस्त स्कूलों की मरम्मत के अलावा नए स्कूलों का निर्माण केंद्र की गाइडलाइन के अनुरूप किया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में दस मिलियन से ज्यादा टेलीफोन उपभोक्ता हैं। यह राष्ट्रीय औसत से बेहतर आंकड़ा है। डिजिटल सेवाओं को पूरे प्रदेश में बेहतर बनाने की कोशिश हो रही है। स्थानीय युवाओं को सुरक्षा बल और सेना में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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