बुराड़ी मौत मामलाः घर के आंगन की दीवार से निकले 11 पाइप, अब ये गुत्थी भी सुलझानी है बाकी

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बुराड़ी में मृत चूण्डावत परिवार के घर की दीवार से निकले 11 पाइप भी जांचकर्ताओं को उलझा रहे हैं। पुलिस अधिकारी इन पाइपों के अलावा घर के आंगन में लगे 11 ग्रिल और मृतकों की 11 संख्या से समानता को महज संयोग नहीं मान रहे हैं।
परिवार के घर के पिछले हिस्से पर 11 पाइप निकले हुए हैं। इनमें से सात पाइप मुड़े हैं और चार सीधे हैं। साथ ही घर में मरे 11 लोगों में सात पुुरुष हैं और चार महिलाएं हैं। यह संख्या भी एक ही है। एक और समानता को पुलिस अधिकारी परिवार का जादू टोना आदि में भरोसे का प्रमाण मान रहे हैं। हालांकि मृतक ललित की बहन सुजाता इन सबसे इंकार किया और कहा कि उनके भाईयों का परिवार तंत्र मंत्र से दूर रहते थे। घर के निर्माण में जुड़े एक ठेकेदार ने बताया कि शायद यह हवा आने जाने के लिए बनाया गया है। लेकिन अगर ऐसा ही था तो सभी पाइप एक जैसे क्यों नहीं बनाए गए उसमें से चार मुड़े क्यों छोड़ दिए गए? इसे दूसरे के प्लाट में क्यों बनाया गया? वहीं इन पाइपों से पानी गिरने का भी कोई साक्ष्य नहीं है। वहीं परिवार के दस लोग आंगन की ग्रिल से लटके मिले थे। यहां पर भी कुछ ग्रिल 11 हैं। इसलिए इस निर्माण को परिवार की आस्था से जोड़कर देख रही है। शादी समारोह को देखते हुए घर में दो माह से निर्माण कार्य चल रहा था। इसके लिए पूजा घर को छोटा किया गया और तीसरी मंजिल पर कमरे बनाए जा रहे थे। मार्बल लगने के बाद घर में लकड़ी का काम होना था। इस दौरान दिन में मजदूरों का आना जाना लगा रहता था। चार साल पहले ललित एक दुर्घटना का शिकार हो गया था जिसकी वजह से उसकी आवाज चली गई थी। करीब तीन साल बाद उसकी आवाज वापस आई थी। दरअसल, ललित अपनी दुकान में बैठा था तभी उसके सिर पर प्लाईवुड गिर गया था। पड़ोसियों के अनुसार इस दौरान ललित की
भगवान में आस्था बहुत बढ़ गई थी। पड़ोसियों के अनुसार ललित अक्सर मौन व्रत करते थे। परिवार के सदस्य भी इस व्रत का पालन करते थे। परिवार में एकता बहुत थी। अगर एक बार परिवार के बड़े सदस्य ने फैसला कर दिया तो सभी इसका पालन करते थे। पुलिस को जांच में बुराडी के एक बाबा का परिवार में आने जाने की बात सामने आई है। संत नगर स्थित चूण्डावत परिवार के बंद घर पर सोमवार सुबह से ही परिचित रिश्तेदार आ रहे थे। किसी को सहज यह विश्वास ही नहीं हो पा रहा था कि परिवार के सभी 11 सदस्यों की मौत हो गई है। इस घटना के बाद से पूरी गली में दूसरे दिन भी खामोशी पसरी रही। अभी भी लोग इस परिवार के साथ हुई घटना के बारे में चर्चा करते दिखाई दिए। वे हत्या एवं आत्महत्या के बीच आपस में आपस में तर्क करते दिखे। बीच बीच में ललित की बहन सुजाता का करुण क्रंदन वहां के खामोश वातावरण में गूंज उठता था। इस घटना की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। इसके बाद से सोमवार शाम को क्राइम ब्रांच के विशेष पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा औरर संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने मौके का मुआयना किया। इससे पहले दिनभर में क्राइम ब्रांच की रोहिणी स्थित टीम इंस्पेक्टर सतीश के नेतृत्व में घटनास्थल का बारिकी से मुआयना किया। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अपने निष्कर्ष बताए साथ ही उनके द्वारा उठाए गए प्रश्नों एवं सलाह को नोट भी किया।

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