रणनीति: भारतीय सेना में बढ़ेगा रोबोट और मशीनों का वर्चस्व

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रक्षा तैयारियों को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सरकार सैन्य बलों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के इस्तेमाल को लेकर व्यापक रणनीति बना रही है। इसी कड़ी में जल्द एक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। जिसमें युद्ध के लिए रोबोट की तैनाती से लेकर निगरानी, जवाबी कार्रवाई में मशीनों का इस्तेमाल पर जोर रहेगा। हाल में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स ने इस बाबत रक्षा मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में भारत की जरूरतों को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के इस्तेमाल की सिफारिश की है। इसमें सीमाओं की निगरानी, नियंत्रण रेखा या सीमा पर होने वाली फायरिंग की जवाबी कार्रवाई के लिए रोबोट की तैनाती, जैविक युद्ध की रोकथाम, साइबर सुरक्षा, परमाणु सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा आदि क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के इस्तेमाल की पैरवी की है। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार इस रिपोर्ट के आधार पर सैन्य बलों की जरूरत के हिसाब से भावी रणनीति का खाका तैयार किया जाएगा। इसमें देश के सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की भी मदद ली जाएगी। इसके जरिये ऐसे सॉफ्टवेयर आदि का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे रक्षा प्रणाली को स्वचालित बनाया जा सके। डीआरडीओ की कई प्रयोगशालाएं पहले से रोबोट विकसित करने में लगे हुए हैं। कई किस्म के रोबोट डीआरडीओ ने विकसित किए हैं। अब कोई बड़ी बात नहीं कि सीमा की चौकसी के लिए भी भविष्य में रोबोट खड़े दिखें। टास्क फोर्स में तीनों सेनाओं के प्रतिनिधियों के अलावा रक्षा उत्पादन से जुड़ी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और निजी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं। मकसद यह है कि निजी क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जुड़ी रक्षा सामग्री का भी उत्पादन बढ़ाया जाए। सेना में आर्टिफिशियर इंटेलीजेंसी के इस्तेमाल को लेकर हालांकि पूरी दुनिया में इस समय बहस छिड़ी हुई है। एक पक्ष यह चाहता है कि तकनीक के इस्तेमाल से सेना की क्षमताएं बढ़ाई जाए। जबकि मानवाधिकारवादी कहते हैं कि मशीनें काम कर सकती हैं। लेकिन जिस प्रकार एक सैनिक युद्ध या युद्ध जैसी स्थिति में विवेक का इस्तेमाल कर सकता है, वैसा मशीनें या रोबोट नहीं कर सकते। इसलिए सेना में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंसी के इस्तेमाल को लेकर बेहद सतर्कता की जरूरत है। लेकिन भारत इसके इस्तेमाल के पक्ष में आगे बढ़ रहा है।

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