साल 2015 के बाद इन 4 टीमों का प्रदर्शन इन्हें बनाता है 2019 वनडे विश्व कप का प्रबल दावेदार

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    साल 2015 में हुए वनडे विश्व के बाद बीते तीन वर्षों में भारतीय क्रिकेट टीम के प्रदर्शन को दो अलग-अलग टाइम पीरियड में बांटकर देखना होगा। साल 2015 के बाद महेंद्र सिंह धौनी की कप्तानी में भारत ने बांग्लादेश से पहली बार वनडे सीरीज (1-2) गंवाई। इस दौरान दक्षिण अफ्रीका ने भारत को उसी की धरती पर वनडे सीरीज में 3-2 से हराया। साल 2015-16 में आॅस्ट्रेलिया के दौरे पर भारत को वनडे सीरीज में 4-1 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, इस दौरान भारत की हार का प्रमुख कारण गेंदबाजी रही। भुवनेश्वर कुमार चोटिल थे, उमेश यादव और मोहित शर्मा की गेंदबाजी में धार नहीं थी। तभी जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या जैसे युवा खिलाड़ियों की टीम में एंट्री हुई और देखते ही देखते टीम इंडिया का प्रदर्शन लाजवाब हो गया। विराट कोहली के बल्ले ने इस दौरान खूब रन उगला और भारत को कई मैच जिताए। साल 2017 में 4 जनवरी को महेंद्र सिंह धौनी ने लिमिटेड ओवर्स में टीम इंडिया की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया। अब विराट कोहली टेस्ट के बाद वनडे और टी-20 में भी भारत के कप्तान बन गए। इसके बाद भारत ने चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल तक का सफर तय किया, जहां उसे पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद भारत की लिमिटेड ओवर्स टीम में रविचंद्रन अश्विन और रवींद्र जडेजा को बाहर कर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव को स्थान दिया गया। अब भारत के पास एक युवा और नई टीम थी। इस टीम के साथ भारत ने विंडीज को 2-1, श्रीलंका को 5-0 और 2-1, आॅस्ट्रेलिया को 4-1 और दक्षिण अफ्रीका को 5-1 से हराया। इन तीन वर्षों में भारत ने कुल 59 मुकाबले खेले, जिनमें उसे 39 में जीत और 19 में हार का सामना करना पड़ा। 1 मुकाबले का कोई नतीजा नहीं निकल सका। साल 2015 के वनडे विश्व कप और 2017 में हुई चैम्पियंस ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन को छोड़ दें, तो बीते तीन वर्षों में दक्षिण अफ्रीकी टीम का प्रदर्शन भी आॅस्ट्रेलिया, श्रीलंका, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज से काफी बेहतर रहा। इस दौरान एबी डी विलियर्स ने टीम की कप्तानी छोड़ दी और फाफ डु प्लेसिस को टीम की कमान सौंपी गई। साल 2015 के बाद दक्षिण अफ्रीका ने 53 मुकाबले खेले, जिसमें 31 में उन्हें जीत मिली, 21 मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा और 1 मुकाबले का कोई निर्णय नहीं निकला। हालांकि, 2019 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका को एबी डी विलियर्स और मोर्ने मोर्केल जैसे खिलाड़ियों की सेवाएं नहीं​ मिलेंगी, डेल स्टेन चोटिल ही रहते हैं। लेकिन, इस टीम के पास युवा और प्रतिभावान खिलाड़ियों की फौज भी है, जिसमें एडेन मार्करम, जूनियर डाला, लुंगी एनगिडी और हेनरिक क्लासेन का नाम शामिल है। साल 2015 वनडे विश्व कप की रनरअप रही कीवी टीम का प्रदर्शन बीते तीन सालों में आॅस्ट्रेलिया, श्रीलंका और पाकिस्तान से बेहतर रहा है। साल 2016 में ब्रेंडन मैक्कलम के क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कीवी टीम का नेतृत्व केन विलियमसन के हाथों में सौंपा गया। उनके नेतृत्व में न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। सिर्फ चैम्पियंस ट्रॉफी के ग्रुप स्टेज से बाहर होने की घटना को छोड़ दें, तो न्यूजीलैंड के प्रदर्शन में निरंतरता रही। साल 2015 में हुए वनडे विश्व कप के बाद खेले गए 62 मुकाबलों में न्यूजीलैंड ने 35 में जीत दर्ज की, 25 में उसे हार का सामना करना पड़ा और 2 मुकाबलों का कोई निर्णय नहीं हो सका।

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