नीतीश के बाद अब कांग्रेस ने कुशवाहा को दिया आमंत्रण, कहा-आ जाइए, स्वागत है

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कांग्रेस ने सीएम नीतीश कुमार की तारीफ और महागठबंधन में शामिल होने का न्यौता देने के बाद अब रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को भी खुला अॉफर दिया है कि वो एनडीए छोड़कर आ जाएं।
पटना । बिहार में राजनीतिक बयानबाजी और गठबंधन को लेकर सभी पार्टियां अपना-अपना दांवपेंच आजमाने में लगी हैं। कांग्रेस ने पहले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को महागठबंधन में आमंत्रण देते हुए कहा कि वो साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति हैं और महागठबंधन में उन्हें शामिल होना चाहिए। उसके बाद अब कांग्रेस ने रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा पर भी डोरे डालना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष कौकब कादरी ने कहा कि रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एनडीए में खुद को असहज महसूस कर रहे हैं और अब उन्हें भाजपा का साथ छोड़कर महागठबंधन में आ जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह गठबंधन के सहयोगियों की उपेक्षा करती है, अपना ही वर्चस्व दिखाती है, वहां सहयोगियों की कोई पूछ नहीं है, एेसे में उपेंद्र कुशवाहा अगर एेसे गठबंधन को छोड़कर आ जाएं तो उनका स्वागत है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा को महागठबंधन में शामिल होने का औपचारिक न्योता दिया था और ट्वीट करते हुए तेजस्वी ने लिखा था कि केंद्रीय राज्यमंत्री उपेन्द्र कुशवाहा को महागठबंधन में शामिल होने का न्योता देते है। उन्हें विगत चार साल से एनडीए में उपेक्षित किया जा रहा है।बीजेपी उनके साथ सौतेला और पराया व्यवहार कर रही है। इसी दौरान बीजेपी ने नीतीश जी के साथ मिलकर उनकी पार्टी को तोड़ने की साज़िश भी रची। तेजस्वी ने लगातार तीन ट्वीट किए जिसमें उन्होंनें उपेंद्र कुशवाहा को अपने साथ लाने के लिए उनकी तारीफ करते हुए लिखा कि उपेन्द्र कुशवाहा जी एक बड़े सामाजिक समूह का प्रतिनिधित्व करते हैं लेकिन उस वर्ग से किसी को भी कैबिनेट मंत्री नहीं बनाया गया वहीं दूसरी तरफ़ केंद्र सरकार मे एक जाति के एक दर्जन से ज़्यादा कैबिनेट मंत्री है। पिछड़े वर्ग से आने वाले कुशवाहा जी की क़ाबिलियत को बीजेपी ने तवज्जो नहीं दी। कांग्रेस विधायक दल के नेता सदानंद सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा है कि वे अच्छे व्यक्ति हैं। नीतीश कुमार महागठबंधन के हमारे साथी रहे हैं, लेकिन अभी वे साम्प्रदायिक शक्तियों के साथ हैं। यदि वे साम्प्रदायिक शक्तियों का साथ छोड़ हमारे साथ आना चाहते हैं, तो इसका फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे। सदानंद सिंह ने बयान जारी कर जहां नीतीश कुमार की छवि को साफ-सुथरा बताया, वहीं उन्होंने पार्टी में टूट की खबरों को अफवाह भी बताया। सदानंद सिंह ने कहा नीतीश कुमार साफ-सुथरी छवि वाले नेता हैं। भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर धर्मनिरपेक्ष शक्तियों की एकजुटता के प्रयास हो रहे हैं, यदि बिहार में ऐसा होता है, तो इसमें कोई बुराई नहीं।

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