नेपाल में बारिश से फंसे 1500 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्री, निकालने के प्रयास तेज

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कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रा से लौटते समय भारी बारिश के कारण नेपाल के हिल्सा पहाड़ी में फंसे 1500 तीर्थयात्रियों में से बुधवार को करीब 250 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया। इससे पहले मंगलवार को लगभग 250 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया था। भारतीय दूतावास ने यहां एक बयान में बताया कि 17 वाणिज्यिक उड़ानों, नेपाल सेना के तीन हेलीकॉप्टर और एक छोटे चार्टर्ड हेलीकॉप्टर से बुधवार को अन्य 336 लोगों को सिमिकोट से सुरखेत और नेपालगंज पहुंचाया गया है। भारतीय मिशन नेपालगंज-सिमिकोट-हिल्सा सेक्टर पर स्थिति पर नजर रख रहा है और इलाके से फंसे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों को निकालने के लिए सभी मुमकिन उपाय कर रहा है। दूतावास ने कहा, ‘बुधवार को हिल्सा-सिमिकोट सेक्टर में हेलीकॉप्टर ने 50 उड़ानें भरीं और करीब 250 लोगों को हिलसा से सिमिकोट पहुंचाया।’ हिल्सा में आधारभूत सुविधाएं नहीं है जबकि सिमीकोट में यात्रियों को उतारने, संचार और चिकित्सा सुविधाएं मौजूद हैं। दूतावास ने बताया कि सुरखेत पहुंचाए गए लोगों को नेपालगंज जाने के लिए बसें उपलब्ध कराई गईं। नेपालगंज आधुनिक सुविधाओं से लैस बड़ा शहर है और सड़क मार्ग से वहां से लखनऊ तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है।
दूतावास ने तीर्थयात्रियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए पहले ही हॉटलाइन बना दी है, जिसमें तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषी कर्मचारी भी हैं। भारतीय दूतावास ने बताया कि सोमवार को सिमीकोट में अत्यधिक ऊंचाई में ऑक्जीजन की कमी से केरल की 56 वर्षीय लीला नारायणन मंद्रीदथ और तिब्बत में दिल के दौरे से आंध्र प्रदेश की सत्या लक्ष्मी की मौत हो गई। दूतावास ने एक बयान में कहा कि उनके शव विशेष हेलीकॉप्टरों से काठमांडो और नेपालगंज लाए गए। कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रमुख टूर ऑपरेटरों में से एक सन्नी ट्रैवल्स एंड ट्रेक्स के प्रबंध निदेशक तेनजिन नोरबू लामा ने बताया कि खराब मौसम के कारण वायु परिवहन संपर्क टूटने की वजह से भारतीय तीर्थयात्री फंस गए लेकिन उनके खाने-पीने और ठहरने में कोई दिक्कत नहीं है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलनीस्वामी ने बुधवार को कहा कि चेन्नई से कैलास मानसरोवर गए 19 श्रद्धलुओं में से 18 देश वापस लौट आए हैं। यह श्रद्धालु खराब मौसम के कारण नेपाल में फंसे हुए थे। विधानसभा में घोषणा करते हुए पलनीस्वामी ने कहा कि तमिलनाडु के 18 श्रद्धालु बुधवार सुबह नेपालगंज से लखनऊ पहुंचे। बाकी बचे एक सदस्य के बाद में उत्तर प्रदेश की राजधानी पहुंचने की संभावना है।
आवश्यकता आने पर मदद की पेशकश की जाएगी: सीतारमण
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि उनका मंत्रालय नेपाल में फंसे 1,500 कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों को बचाने के लिए आवश्यकता पड़ने पर मदद की पेशकश करेगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले दो भारतीय श्रद्धालुओं की मौत हो गई जबकि खराब मौसम के कारण 1,500 अन्य श्रद्धालु पर्वतीय क्षेत्र में फंसे हुए हैं। निर्मला ने चेन्नई हवाईअड्डे पर बातचीत कहा कि विदेश मंत्रालय जल्द से जल्द श्रद्धालुओं को बचाने के लिए काम कर रहा है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘रक्षा मंत्रालय भी जरूरत पड़ने पर मदद कर पेशकश करेगा।’

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