बुराड़ी सामूहिक मौतः परिवार ने 6 दिन बिना हाथ बांधे की थी बरगद की तरह लटकने की क्रिया, 7वें दिन गई जान

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बुराड़ी समूहिक मौत में लगातार छह दिन तक पूरे परिवार ने बरगद के पेड़ की टहनियों की तरह लटने की क्रिया की थी लेकिन इस दौरान उनकी जान नहीं गई। जिसका कारण था कि इस क्रिया के दौरान उनके किसी के हाथ नहीं बांधे गए थे। लेकिन सातवें दिन जब यह क्रिया की गई तो ललित और टीना को छोड़ कर सभी के हाथ बांधे हुए थे। इसलिए सभी की जान चली गई। इस पूरी बात का जिक्र ललित ने 30 जून को लिखी अपनी डायरी में किया है। इस डायरी के पन्ने को देखने के बाद अब पुलिस आंशका जता रही है कि ललित और टीना ने ही सबके हाथ बांधे होंगे और उसके बाद वह खुद फंदे से लटक गए। जिससे उनकी भी जान चली गई। ललित की डायरी के अनुसार मोक्ष पाने के लिए की गई यह क्रिया पूरे परिवार ने 24 जून से शुरू की थी। इस दौरान पूरा परिवार रोज हवन के बाद बरगद के पेड़ की तरह फंदों से लटक जाता था। लेकिन क्रिया के दौरान हाथ, पैर और मुंह खुला होने के चलते सभी की जान बच जाती थी। जिससे जब को यकिन हो गया था कि सातवें दिन जब वह यह क्रिया करेंगे तो बाबा उन को आकर बचा लेंगे, जिसका ललित ने जिक्र किया था। मौत को गले लगाने से पहले भी ललित ने अंतिम बार डायरी लिखी थी। अपनी अंतिम डायरी में उसने रात 30 जून को होने वाली अंतिम क्रिया का जिक्र किया था। डायरी में ललित ने लिखा था कि छह दिन लगातार मोक्ष की क्रिया पूरी हो गई है। अब अंतिम बार इस क्रिया को करना है। इस बार क्रिया करते हुए सभी को अपने हाथ पैर बांधने है और मुंह बांध कर रखना है और कानों में रूई डालनी है। जिससे कोई भी तुम्हे न सुन सके और तुम भी किसी तरह की आवाज न सून सकों। डायरी में लिखा है कि जब तुम इस स्थिती में पहुंच जायोगे तो बाबा तुम्हे आकर बचा लेंगे। जिसके बाद रात को सभी ने ललित द्वारा लिखी गई क्रिया पूरी और फंदे से लटक गए।

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