नीतीश के नाम पर एक हुआ महागठबंधन, RJD के बाद अब कांग्रेस ने भी कहा- नॉट वेलकम

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राजद के बाद अब कांग्रेस ने भी नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन में ‘नॉट वेलकम’ कह दिया है। क्‍या है मामला, जानने के लिए जरूर पढ़ें यह खबर।
पटना । जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को महागठबंधन में शामिल करने को लेकर कांग्रेस ने अपने स्‍टैंड को साफ कर दिया है। कल तक जदयू का स्‍वागत करती कांग्रेस ने अब यू-टर्न लेते हुए कहा है कि नीतीश कुमार के लिए कांग्रेस में ‘नो एंट्री’ है। इसके पहले राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) ने पहले ही महागठबंधन में नीतीश कुमार के लिए ‘नो एंट्री’ का बोर्ड लगा रखा है।विदित हो कि कांग्रेस ने यह फैसला राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को लेकर जदयू के बयान के बाद लिया है। जदयू ने महागठबंधन छोड़ने के कारण की चर्चा करते हुए इसके लिए कांग्रेस द्वारा भ्रष्‍टाचार के मुद्दे पर साथ नहीं मिलना भी बताया था। साथ में यह भी कहा था कि नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद के भ्रष्‍टचार कु मुद्दे पर राहुल गांधी से मुलाकात की थी, लेकिन राहुल गांधी ने उदासीनता बरती। दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद जदयू के राष्‍ट्रीय महासचिव केसी त्‍यागी ने कहा था कि बिहार कांग्रेस प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल सहित कई नेताओं ने नीतीश कुमार से महागठबंधन में शामिल होने की अपील की है। लेकिन, कांग्रेस जब तक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जैसे भ्रष्‍ट दल के साथ कांग्रेस अपना स्टैंड साफ नहीं करती, यह संभव नहीं है। अब बिहार कांग्रेस प्रभारी श्‍ाक्ति सिंह गोहिल ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उन्होंने कभी भी नीतीश कुमार से महागठबंधन में शामिल होने का आग्रह नहीं किया। लालू प्रसाद यादव के संबंध में गाेहिल ने कहा कि राजद को लेकर कांग्रेस का स्‍टैंड बिलकुल साफ है। कांग्रेस को इसपर दोबारा विचार करने की कोई जरूरत नहीं है। गोहिल ने कहा कि नीतीश कुमार का महागठबंधन में स्वागत नहीं है। वे कांग्रेस को सुझाव देने के बदले आत्मविश्लेषण करें। विचार करें कि उन्‍होंने अपनी क्‍या स्थिति कर ली है।
कांग्रेस की राष्‍ट्रीय प्रवक्‍ता प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कहा कि महागठबंधन तोड़ने के लिए नीतीश कुमार कांग्रेस को दोष न दें। नीतीश कुमार महागठबंधन से बाहर जाने का मन बना चुके थे, वे केवल बहाना खोज रहे थे। प्रियंका ने कहा कि बिहार की जनता ने महागठबंधन को वोट दिया था। चुनाव में राजद को जदयू से अधिक सीटें मिलीं थीं। ऐसी हालत में नीतीश कुमार द्वारा गठबंधन तोड़कर विपक्षी गठबंधन (राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) हाथ मिलाना जनमत अपमान था। नीतीश कुमार से इसका हिसाब जनता आगामी चुनावों में लेगी।

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