सीएम नीतीश ने कहा-मैंने एक बार नहीं लालूजी को चार बार फोन किया, बखेड़ा क्यों

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि लालू जी को एक बार नहीं मैंने चार बार फोन किया था। क्या किसी बिमार व्यक्ति का हाल पूछना अपराध है? इस बात को लेकर इस तरह की बात करना उचित है?
पटना । राजद सुप्रीमो लालू यादव को फोन किए जाने के बाद उठे बवाल पर जवाब देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने एक बार नहीं लालूजी का स्वास्थ्य जानने के लिए चार बार फोन किया था। इसपर इस तरह की बयानबाजी और कयास लगाना क्या उचित है? बिना जाने समझे इसपर इस तरह की टिप्पणी की गई जो मानवीय संवेदनाओं से परे है। सुनकर आश्चर्य होता है कि लोग कैसी सोच रखते हैं। लालू जी से मेरे पुराने संबंध हैं और उनकी तबियत खराब है तो क्या मैं फोन कर हालचाल पूछ लूं तो इस पर इतना बवाल, एक बार नहीं चार बार फोन किया ना हो तो उनके लोगों से पूछ लीजिए। नीतीश ने कहा कि एेसा रहेगा तो कोई किसी से फोन पर बात भी नहीं करे, हालचाल ना पूछे। राजनीतिक रिश्ते अपनी जगह हैं और आपसी रिश्ते अपनी जगह। भाजपा से मतभेद के बारे में नीतीश कुमार ने कहा कि हम भाजपा के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं, सीट शेयरिंग के मुद्दे पर बात हो रही है और आपसी बातचीत से नतीजे ही निकलेंगे। अभी इसपर कोई बात नहीं हुई है। सीएम नीतीश कुमार का बयान, आज समाज मे मर्यादाहीन वातावरण बनता जा रहा है, पूरे समाज का वातावरण बिगड़ता जा रहा है, हम पूरी ईमानदारी और बिना भेद के साथ काम करते हैं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के जेल में जा कर अपराधियों से मिलने के मामले में सीएम नीतीश ने कहा कि यह मामला एक्सेप्टेबल नही है। किसी की गिरफ्तारी हुई है तो नियम कानून के तहत होती है और अगर किसी को लगता है कि गलत हुआ है तो न्यायालय में जाएं। सरकार के इक़बाल में कोई कमी नही आई है, हमने कार्रवाई की उसी का नतीजा है कि लोग जेल में है। अश्विनी चौबे और गिरिराज सिंह के बड़बोलेपन पर नीतीश कुमार ने कहा कि हम किसी बिंदु पर समझौता नहीं करते हैं। हमारी सरकार कानूनी तौर पर काम करती है।ना हम किसी को बचा रहे हैं और ना ही फंसा रहे हैं। कोई बोलता है तो बोलता रहे, हम अपना जवाब एक्शन से दे रहे हैं। किसी पॉलिटिकल पार्टी के अंदर का विषय है कौन क्या बोलता है? सरकार चलाने में कहीं कोई किसी से विवाद नही। इस तरह के मामले में हम पीएम मोदी को क्या सलाह दें? पीएम मोदी खुद इन मामलों को देख रहे हैंआज कल बोलने वाले लोगों की भरमार है। उन्होंने तेजप्रताप के नो एंट्री वाले पोस्टर के जवाब में कहा कि मेरे लिए नो एंट्री का बोर्ड बीजेपी ने तो नहीं लगाया। जदयू में कोई विवाद नहीं है और सुशील मोदी के साथ हमारी सरकार मुस्तैदी से चल रही है। उन्होंने कहा कि मैं जब राजनीति छोडूंगा, तो पत्रकारिता करूंगा। एक देश एक कानून पर सीएम नीतीश ने कहा कि इसके लिए आपसी बातचीत जरूरी है। बातचीत के आधार पर ही यह तय होना चाहिए। यूनिफार्म सिविल कोर्ट बनाना आसान नहीं होता इसके लिए सभी धर्मों के लोगों को बैठकर बात करनी होगी तभी ये संभव है। शराब बंदी कानून में संशोधन के मसले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार किया है और अभी उस पर कानूनी सलाह ली जा रही है। अगले विधान सभा के सत्र में इस संशोधन एक्ट को लाया जाएगा ।
उन्होंने कहा कि बिहार में एनडीए एलायंस काम कर रहा है लेकिन हमारा राष्ट्रीय स्तर पर कोई समझौता नहीं हुआ है। लेकिन यह संभव नहीं है कि बिहार में हम बीजेपी के साथ हैं और दूसरे राज्य में किसी और दल के साथ हो जायेंगे। हम राजनैतिक दल अपना विस्तार चाहते हैं। इसी तर्ज पर हम अन्य राज्यों में भी चुनाव लड़ रहे हैं। एक साथ चुनाव की देश में अभी कोई स्थिति नहीं है। 2019 क्या 2024 तक संभव नहीं दिखता। लेकिन हम उसके हिमायती हैं कि एक साथ चुनाव हो और सभी को इसपर विचार करना चाहिए।

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