भारतीय मूल की सीमा ने अमेरिकी लोकतंत्र को खतरे में बताया

0
28

मुख्य विपक्षी दल डेमोक्रेटिक पार्टी के निर्णायक निकाय की नव नियुक्त सीईओ भारतीय अमेरिकी सीमा नंदा ने दावा किया कि अमेरिकी लोकतंत्र खतरे में हैं। मौजूदा ट्रंप प्रशासन के दौरान उसके कुछ पवित्र संस्थानों को चुनौती दी जा रही है। शिकागो में जन्मी नंदा को पिछले महीने डेमोक्रेटिक पार्टी के औपचारिक निर्णायक निकाय डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी (डीएनसी) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही वह अमेरिकी में किसी बड़े राजनीतिक दल का संचालन करने वाली भारतीय – अमेरिकी समुदाय की पहली सदस्य हैं। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के पिछले 18 महीने के कार्यकाल को अमेरिका के लिए बेहद मुश्किल भरा वक्त करार दिया। नंदा ने बताया कि यह देश के लिए बेहद मुश्किल वक्त है। हम इस प्रशासन द्वारा प्रतिदिन स्वतंत्र प्रेस, कांग्रेस के मौजूदा सदस्यों पर हमला देखते हैं। हम भ्रष्टाचार देखते हैं। सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि यह उन मुद्दों से ध्यान भटका देता है, जिनके बारे में डेमोक्रेटिक पार्टी बात करना चाहती है। आय की असमानता पहले से कही ज्यादा हो गई है। नंदा के माता-पिता पंजाब के रहने वाले हैं। हालांकि, 1970 में अमेरिका जाने से पहले वह उत्तर प्रदेश में रहीं। नंदा आने वाली 23 जुलाई से शक्तिशाली डीएनसी की दैनिक गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here