गुफा में फंसे कोच ऐसे बने बच्चों के लिए ‘हिम्मत’, फुटबॉलर से पहले थे साधु

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थाईलैंड की थाम लुआंग गुफा में फंसे 12 फुटबॉल खिलाड़ी और उनके कोच को आज आखिरकार बचा लिया गया। 17 दिन तक चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर हर किसी की नजर थी। गुफा में अंदर फंसे रहने के दौरान बच्चों ने कई मुसीबतों का समना किया कभी तेज गर्मी, कभी बर्फीली ठंड तो कभी भूख, बच्चों के सामने कई पारेशानियां आईं लेकिन इस नाजुक वक्त में बच्चों के कोच ने उनकी हिम्मत नहीं टूटने दी। बच्चों के साथ जो कोच फंसे थे उनका नाम इकापोल चंथावोंग है, ऑपरेशन से पहले इकापोल ने बच्चों का ख्याल रखा यहां तक की उन्होंने बच्चों की जान बचाने के लिए अपना खाना तक उन्हें खिला दिया।
एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इकाबोल कोच बनने से पहले साधु थे। तीन साल साधु रहने के बाद इकापोल फुटबॉल असिस्टेंट कोच बने। इकापोल की सूझबूझ ही थी जिसने बच्चों को 17 दिन तक गुफा में सही सलामत रखा। इकापोल कभी उन्हें अपना खाना देते तो कभी उनके पास मौजूद ड्रॉइंग शीट पर ड्रॉ कर बताते की बच्चों को इतनी सी जगह में कैसे बैठना है जिससे की उन्हें कोई तकलीफ ना हो। रिपोर्ट के मुताबिक इकापोल जब 10 साल के थे तभी उनके मां-बाप की मौत हो गई थी। जिसके बाद उन्होंने साधू बनने का फैसला किया। लेकिन फिर दादी की देखभाल करने के लिए उन्हें ये सब छोड़कर थाईलैंड के साई में शिफ्ट होना पड़ यहां उन्होंने एक फुटबॉल टीम को ट्रेनिंग दी। इकापोल के एक दोस्त की मानें तो इकापोल को बच्चों से खास लगाव है। इकापोल ना शराब पीते हैं ना ही सिगरेट।

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