पूर्व क्रिकेटर कपिल देव को 36 साल बाद मिला उनका हक, जानें क्या है मामला

0
130

पूर्व क्रिकेटर कपिल देव के भविष्य निधि (पीएफ) का बकाया आखिरकार 36 साल बाद उनको ब्याज समेत मिल गया। वह साल 1979 से 1982 तक मोदी कताई मिल से बतौर लाइजनिंग अधिकारी जुड़े रहे। कंपनी ने पौने तीन लाख रुपये उनके खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए हैं। मिल के प्रबंधक राजेंद्र शर्मा के अनुसार, कपिलदेव साल 1974 से 1979 तक मेरठ विश्वविद्यालय (चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी, मेरठ) की क्रिकेट टीम के कप्तान थे। उसी दौरान संस्थापक राय बहादुर गूजरमल मोदी के भतीजे वाईके मोदी दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बनाए गए। वाईके मोदी के आग्रह पर पूर्व क्रिकेटर कपिल देव इस कंपनी के साथ लाइजनिंग अधिकारी के तौर पर जुड़ गए। उस दौर में कपिल देव ने मोदी ग्रुप की ओर से दर्जनों क्रिकेट मैच खेले। वर्ष 1983 में क्रिकेट विश्वकप शुरू होने से कुछ महीने पहले कपिल देव ने कंपनी से त्याग पत्र दे दिया। राजेंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों वाईके मोदी ने उन्हें दिल्ली बुलाकर कपिल देव के बकाया भविष्य निधि भुगतान के बारे में चर्चा की। वाईके मोदी ने उसी समय कपिल देव से वार्ता कर पीएफ फार्म पर उनके हस्ताक्षर लिए। इसके बाद कंपनी ने उनके पीएफ और उस पर ब्याज के बकाया कुल 2.75 लाख रुपये उनके खाते में आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here