स्टील बुलेट को बेअसर करने वाली जैकेट पहनेंगे सेना के जवान

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सीमा पर डटे जवानों की सुरक्षा के लिए रक्षा मंत्रालय ने बुलेट प्रूफ जैकेट के नए मानक निर्धारित किए हैं। नए मानकों के अनुसार, खरीदी जाने वाली बुलेट प्रूफ जैकेट पहले से भारी होंगी लेकिन यह जवानों को ज्यादा सुरक्षा प्रदान करेंगी। ये जैकेट जवानों को आतंकियों की स्टील बुलेट से भी बचाएंगी। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पहले बुलेटप्रूफ जैकेट के लिए जो मानक निर्धारित किए गए, वे वैश्विक मानकों से कमतर थे। लेकिन, अब जिन मानकों के अनुरूप बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदने का निर्णय लिया गया है, वह रूस, अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं में इस्तेमाल हो रही जैकेट के अनुरूप हैं। इनमें दो बड़े बदलाव किए गए हैं। एक, ये जैकेट शरीर पर ज्यादा भाग को कवर करती हैं, दूसरे इनका वजन भी ज्यादा हैं। पहले 5.5 किग्रा की जैकेट इस्तेमाल हो रही थी लेकिन अब जो जैकेट खरीदी जा रही हैं, उनका वजह 10.1 से लेकर 11.3 किग्रा के बीच है। विकसित देश भी इस क्षमता की जैकेट इस्तेमाल कर रहे हैं। पुराने मानकों के अनुरूप इस्तेमाल हो रही बुलेट प्रूफ जैकेट आतंकियों की स्टील बुलेट के आगे टिक नहीं पा रही थी। कई बार यह देखा गया है कि स्टील बुलेट से यह जैकेट बचाव नहीं कर पा रही हैं। लेकिन जो जैकट अब खरीदी जाएंगे, वह स्टील बुलेट को भी बेअसर कर देंगी। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, नए मानकों के अनुरूप जैकेट की खरीद से पूर्व होने वाले परीक्षण में स्टील बुलेट को आजमाकर देखा जाएगा। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि नए मानकों के अनुरूप जैकेट का निर्माण देश में भी किया जाएगा। इसके लिए दस कंपनियों को लाइसेंस दिए गए हैं। इनमें से चार कंपनियों ने निर्माण शुरू कर दिया है तथा बाकी कंपनियां भी जल्द शुरू करेंगी। इसके अलावा आडिर्नेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) और डीआरडीओ भी ऐसी जैकेट बना रही हैं। डीआरडीओ की जैकेट का परीक्षण चल रहा है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कुल 1.86 लाख जैकेट खरीदी जाएंगी। जबकि, पूर्व में 50 हजार जैकेट आपात जरूरत के रूप में खरीदी जा चुकी हैं जिनकी आपूर्ति भी करीब-करीब पूरी हो चुकी है। पुराने मानकों की जैकेट की कीमत करीब 20 हजार रुपये थी लेकिन नई जैकेट कम से कम 60 हजार की होगी।

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