संस्थान अभी बने नहीं पर होंगे डीम्ड विश्वविद्यालय

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उच्च शिक्षा में ऐसे पाठ्यक्रम जो फिलहाल देश में नहीं पढ़ाए जा रहे हैं लेकिन समय की मांग को देखते हुए उपयोगी हैं। इनकी पढ़ाई के लिए आगे आने वाले संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार डीम्ड विश्वविद्यालय के नियम में बदलाव की तैयारी कर रही है। ऐसे संस्थानों को बन कर तैयार होने से पहले ही डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिल सकेगा।
बिना स्थापना के जियो इंस्टीट्यूट को उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा देकर आचोलना झेल रही केंद्र सरकार अब बिना स्थापना के ही किसी संस्थान को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा देने का नियम बनाने जा रही है। हालांकि, यह सुविधा सिर्फ एक नई श्रेणी डी-नोवो श्रेणी में ही मिलेगी।विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की ओर से जारी यूजीसी (मानद विश्वविद्यालय संस्थान) नियमन, 2018 में यह प्रावधान रखा गया है। इस नियमन का ड्राफ्ट जारी कर यूजीसी ने लोगों से सलाह मांगी है।ड्राफ्ट नियमों के मुताबिक, नए संस्थान के लिए स्थापना से पहले डीम्ड विश्वविद्यालय को स्पांसर करने वाली संस्था को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल करने के लिए आवश्यक अर्हताओं और शर्तों को पूरा करते हुए एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) यूजीसी को सौंपनी होगी। इस डीपीआर में 15 वर्ष की कार्ययोजना और पांच वर्ष की कार्यान्वयन योजना का खासा भी देना होगा। यूजीसी द्वारा स्थापित विशेषज्ञों की एक समिति इस रिपोर्ट को देखेगी। समिति से सकारात्मक रिपोर्ट मिलने पर यूजीसी इसे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को भेज देगा।मंत्रालय के पास इस अनुशंसा को स्वीकार या खारिज करने का अधिकार रहेगा। अनुशंसा स्वीकार करने पर वह स्पांसर को लेटर ऑफ इंटेट जारी करेगा। मंत्रालय के पास इसमें अलग से शर्तें जोड़ने का भी अधिकार रहेगा। प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, इस लेटर ऑफ इंटेंट की वैधता तीन वर्ष की होगी। इस दौरान स्पांसर संस्थान को तय समय सीमा में सभी शर्तों का* पालन करते हुए कंप्लायंस रिपोर्ट सौंपनी होगी।
क्या है नई श्रेणी डी-नोवो
डी-नोवो लैटिन भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है शुरू से शुरुआत। डी-नोवो श्रेणी में उन विषयों में शिक्षा देने के इच्छुक संस्थानों को रखा जाएगा, जिनकी पढ़ाई फिलहाल देश में नहीं होती, लेकिन वे वांछित और उपयोगी हैं।
क्या होंगी अन्य शर्तें
25% छात्रों के लिए कम से कम छात्रावास की सुविधा होनी चाहिए।.
50% छात्रों के लिए हॉस्टल सुविधा होनी चाहिए, दर्जा मिलने के बाद पांच साल के भीतर.
– प्रति छात्र कम से कम 30 वर्ग मीटर का निर्माण क्षेत्र होना चाहिए।
– संस्थान के पास पूरी जमीन कम से कम 30 वर्ष के लिए फ्री-होल्ड या लीज होल्ड पर उपलब्ध होनी चाहिए।
– संस्थान के पास कम से कम 40 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड होना चाहिए।

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