कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, वे किसी को राष्ट्रभक्ति का सर्टिफिकेट नहीं दे सकते। कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी बताने वालों को पहले इतिहास पढ़ना चाहिए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सवालों का जवाब देते हुए कहा वे सिर्फ भाजपा का नहीं, बल्कि पूरे देश का नेतृत्व कर रहे हैं। कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया है। ऐेसे में कांग्रेस पर इस तरह टिप्पणी करना कतई उचित नहीं है। आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने बयान में देश की उपलब्धियों को भी कम करके आंका है। इस तरह के बयान चिंता का विषय है। यह बयान इतिहास और तथ्यों से पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा कि देश में किसान, महिला, युवाओं तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े ज्वलंत मुद्दे हैं, जिनसे सरकार ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। संसद के मानसून सत्र में सरकार को इन सभी मसलों पर जवाब देना होगा। आनंद शर्मा ने कांग्रेस पर तीन तलाक से संबंधित विधेयक को रोकने के आरोपों को भी पूरी तरह गलत बताया है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक राज्यसभा की प्रवर समिति के पास है। कांग्रेस ने कभी किसी कानून का विरोध नहीं किया है।

0
242

पूर्वांचल का डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या के एक सप्ताह बाद भी ऐसा कुछ हाथ नहीं लग पाया है जिससे अफसर सीना ठोंककर वारदात की वजह को उजागर कर सकें। पुलिस सुत्रों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में 1200 फोन कॉल को खंगाला गया है, जिनमें से 50 कॉल को चिन्हित कर उन पर गंभीरता से काम करना शुरु कर दिया गया है।

सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन 50 नंबरों में दो तिहाई के करीब पूर्वांचल के हैं। अब अगर इन नम्बरों की पुख्ता जांच में पूर्वांचल के सफेदपोश नेताओं या फिर उनके गुर्गों का लिंक जुड़ गया तो बजरंगी के परिजनों का हर वो आरोप सच साबित होगा, जिसे उसकी हत्या से पहले ही चीख-चीख कर बयां किया जा रहा था। और फिर पूर्व सांसद धनंजय सिंह, ब्रिजेश सिंह से लेकर एक केन्द्रीय राज्यमंत्री तक कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। हालांकि, पुलिस व जेल अधिकारी मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की जांच से जुड़े पहलुओं पर चर्चा करने तक से कतरा रहे हैं मगर इतना जरुर स्वीकार किया जा रहा है कि फिलहाल उनकी जांच का सबसे बड़ा फोकस फोन कॉल की पड़ताल और उनके एक-दूसरे से कनेक्शन को तलाशना है। 10 करोड़ रुपये की सुपारी की चर्चा पर फोकस पुलिस की जांच के दूसरे पायदान पर है। इस महीने पूर्वांचल के दो बैंकों से करोड़ों के ट्रांजेक्शन की चर्चा को भी अधिकारियों ने सुपारी किलिंग की संभावना के खाते में जोड़कर रिकॉर्ड खंगालना शुरु कर दिया है। फिलहाल बजरंगी हत्याकांड की वजह का सच जानने के लिए न सिर्फ हर कोई बेताब है, बल्कि इस गैंगवार की अगली कड़ी के परिणाम को लेकर भी लोग अपने-अपने हिसाब से कयास लगा रहे हैं। वारदात का मुख्य आरोपी कुख्यात सुनील राठी इस हत्या को करना खुद स्वीकार कर चुका है। इससे इस हत्याकांड की साजिश और वजह की परते उखाड़ने में पुलिस अफसरों के पसीने छूट रहे हैं। आखिर किसी कुख्यात माफिया और उम्रकैद के सजायाफ्ता मुजरिम से कोई भी बात उगलवाना इतना आसान थोड़े ही है। बागपत। पुलिस की जांच से जुडे़ पहलू हर रोज कुछ न कुछ सामने लेकर तो आ रहे हैं भले ही अधिकारी उनकी पुष्टि न करें। मगर न्यायिक जांच तो करीब सप्ताह भर में एक कदम भी नहीं चल पाई है। पिछले पांच दिनों में सार्वजनिक अपील के बाद भी कोई शख्स जांच अधिकारी के सामने बयान दर्ज कराना तो दूर सूचना देने तक नहीं पहुंचा है। लगता है न्यायिक जांच के नाम पर सिर्फ ढंकोसला किया जा रहा है, क्योंकि हत्याकांड के एक सप्ताह बाद भी न्यायिक जांच अधिकारी को पुलिस ने एफआईआर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी तक नहीं सौंपी है। न्यायिक जांच अधिकारी एडीएम बागपत ने अब ये दस्तावेज तुरंत उपलब्ध कराने के लिए पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र लिखा है।
अपराध और अपराधियों के खिलाफ जारी यूपी पुलिस के ऑपरेशन में अब सुनील राठी का नाम सबसे ऊपर है। मुख्य रूप से उत्तराखंड और दिल्ली में सक्रिय राठी गैंग की कमर तोड़ने के लिए यूपी पुलिस ने दिल्ली और उत्तराखंड पुलिस से संपर्क साधा है। कांवड़ यात्रा को लेकर होने वाली बैठक में भी दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और यूपी पुलिस के अधिकारियों के बीच राठी गैंग को लेकर प्लानिंग की जाएगी। मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या की साजिश की परतें उधड़ने लगी हैं। हत्या की प्लानिंग पहले से फिक्स थी और सुनील राठी का कहासुनी के बाद गोली मारने का बयान अभी तक झूठा पाया गया है। मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल लाया जाना और यहीं पर हत्या किया जाना, ये सब कुछ पहले से तय था। हत्या कौन और कैसे करेगा, इसकी प्लानिंग बनाने के बाद नौ जुलाई की सुबह वारदात को अंजाम दिया गया। अभी तक की क्राइम ब्रांच की छानबीन में तो यही खुलासा हुआ है। पुलिस अब उन लोगों के वारंट लेकर पूछताछ करेगी, जिन पर बजरंगी के परिजनों ने आरोप लगाया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.