‘पुलिस डरने, छिपने लगी जब मेरी बहन दिल्ली के एक थाने में फंदे पर लटक गई’

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दिल्ली के तिलक विहार पुलिस चौकी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब 17 वर्षीय नाबालिग लड़की ने रविवार तड़के खुद को फंदे पर लटक कर मौत को गले लगा लिया। पीड़ित के परिवारवालों ने आरोप लगाया कि उस लड़की को बचाने की जगह पुलिसवाले डरकर अलग-अलग कमरों में छिपने की कोशिश कर रहे थे। खबरों के मुताबिक, लड़की के परिवारवाले और उसके कुछ महीने पहले बने ब्वॉय फ्रेंड के रिश्तेदारों के बीच हुई लड़ाई के बाद वह लड़की पुलिस चौकी में जाकर रविवार तड़के 3.15 बजे फंदे पर लटक गई। दोनों परिवार पड़ोसी थे और जिस वक्त ये खुदकुशी हुई उस समय दोनों पुलिस चौकी में मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि शनिवार रात से ही गायब थी और रविवार की रात करीब ढ़ाई बजे अचानक पुलिस चौकी पर पहुंच गई। लड़की के भाई ने आरोप लगाया कि उसकी बहन को परिवार के पास छोड़ने की जगह पुलिस ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया था। उसके भाई ने आरोप लगाया कि उसे उसके दो चचेरे भाईयों के साथ सिर्फ एक कमरे तक ही सीमित कर दिया गया था। लड़की के भाई ने दावा किया कि उसने दीवार में लगे कूलर के एक छेद के जरिए देखा कि कैसे उसकी बहन ने चुन्नी को फंदा बनाकर फांसी पर लटक गई। लड़की के भाई ने दावा किया कि जिस कमरे में उसकी बहन थी उसमें बाहर से ताला लगा हुआ था। उसने बताया- “जैसे ही मैं दरवाजा तोड़कर अंदर जाता तब तक वह फंदे पर लटक चुकी थी।” उसके भाई ने आरोप लगाया- “जैसे ही पुलिस अधिकारियों को इस बात का पता चला कि लड़की ने खुदकुशी कर ली, वे सभी घबरा गए और अलग-अलग कमरे में भागकर चले गए। उन्होंने हमें दरवाजा तोड़ने में कोई मदद नहीं की और न ही लटके हुए शव को नीचे उतारने में। वह करीब दो घंटे तक उस कमरे में लटकी रही।” हालांकि, डीसीपी (वेस्ट) विजय कुमार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि लड़की को कभी भी बाहर से नहीं बंद किया गया था। उन्होंने बताया- “उस लड़की ने खुद ही अंदर से बंद कर लिया। पुलिस अधिकारियों ने उसे बचाने के लिए दरवाजे तोड़ने की कोशिशें भी की। पुलिस अधिकारियों ने ही उसके शव को नीचे उतारा।” हालांकि, घटना के एक दिन बार पुलिसवालों पर गाज गिरी है। एक पुलिस पोस्ट इंचार्ज और एक महिला पुलिसकर्मी डिस्ट्रिक्ट लाइंस भेजे गए। जबकि, एक एसआई और एक हेड कांस्टेबल निलंबित कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है।

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