इंग्लैंड के खिलाफ निर्णायक वनडे में भारत को इन तीन कमियों पर देना होगा ध्यान

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भारत ने टी-20 सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमाने के साथ अपने इंग्लैंड दौरे की शानदार शुरुआत की थी। दोनों देशों के बीच जब तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू तो नॉटिंघम में खेले गए पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड पर अपना दबदबा कायम रखते हुए आठ विकेट से बड़ी जीत दर्ज की। लेकिन, लॉर्ड्स में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय टीम जीत की पटरी ये उतर गई और उसे 86 रनों से हार का सामना करना पड़ा। अगर हम टीम इंडिया के इंग्लैंड दौरे पर अब तक खेले गए 5 मैचों (तीन T-20 और दो ODI) का विश्लेषण करें तो पता चलता है कि महज 2 या 3 खिलाड़ियों की वजह से ही जीत मिल रही है। इंग्लैंड के खिलाफ अबतक विराट, रोहित ने बल्लेबाजी और कुलदीप यादव ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया है, बाकी सभी खिलाड़ियों ने टीम को निराशा ही हाथ लगी है। शिखर धवन इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज (4, 10, 5) में फ्लॉप रहे थे। पिछले दो वनडे मुकाबलों में उन्होंने शुरुआत (40, 36) जरूर बढ़िया की, लेकिन उसे वह बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके। केएल राहुल ने इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 मैच में शतक लगाया था। लेकिन उसके बाद पहले वनडे में उनको बल्लेबाजी के लिए ज्यादा समय नहीं मिला और वह 9 रन बनाकर नाबाद रहे। वहीं लॉर्ड्स वनडे में राहुल बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। दूसरे वनडे में भारत का मध्यक्रम चरमरा गया। महेंद्र सिंह धौनी की धीमी बल्लेबाजी के लिए आलोचना हो रही है, तो सुरेश रैना अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील करने में नाकाम रहे। वहीं हार्दिक पांड्या ने बल्लेबाजी में अच्छा हाथ जरूर दिखाया है, लेकिन गेंदबाजी में वह काफी खर्चीले साबित हुए हैं। अगर गेंदबाजी की बात करें तो एक ओर कुलदीप यादव इंग्लैंड दौरे पर 4 मैचों (दो T-20 और दो ODI) में अब तक 14 विकेट (एक बार 5, एक बार 6 और एक बार 3 विकेट) ले चुके हैं, वहीं दूसरी ओर उनके जोड़ीदार युजवेंद्र चहल उतने असरदार साबित नहीं हो रहे हैं। तेज गेंदबाजी में उमेश यादव, सिद्धार्थ कौल काफी महंगे साबित हो रहे हैं और इं​ग्लैंड के बल्लेबाज इन दानों के खिलाफ आसानी से रन बना रहे हैं। भुवनेश्वर कुमार पूरी तरह फिट नहीं हैं और टेस्ट सीरीज में उनकी अहमियत को ध्यान में रखते हुए कप्तान और कोच कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। इससे एक बात तो साफ है कि टीम इंडिया अभी तक दो-तीन खिलाड़ियों के बलबूते ही जीत दर्ज कर पायी है। भारत को लीड्स वनडे में अगर जीत दर्ज कर लगातार 10वीं द्विपक्षीय सीरीज पर कब्जा जमाना है, तो उसे बतौर टीम अच्छा खेलना होगा।

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