मानसून सत्रः आज से चलेगी संसद, विपक्ष लाएगा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, गूंजेंगे ये मुद्दे

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संसद का मानसून सत्र बुधवार से शुरू हो रहा है, लेकिन इसके हंगामेदार होने की पृष्ठभूमि पहले ही तैयार हो चुकी है। कांग्रेस ने मंगलवार को ऐलान किया कि वह विपक्षी दलों के साथ मिलकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पत्रकारों से कहा, सोमवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक में शामिल हुईं सभी पार्टियां अविश्वास प्रस्ताव लाने पर सहमत हुई हैं। हम कोशिश करेंगे कि सभी विपक्षी दलों को साथ लें। उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि प्रस्ताव के जरिये जनता की समस्याओं को सदन में रखने का मौका मिलेगा। खड़गे ने कहा, यह कहा जाता है कि सदन विपक्ष नहीं चलने देता। यह बात प्रधानमंत्री और उनके लोग दोहराते हैं। जब हम महत्वपूर्ण मुद्दे रखते हैं, तो इनसे बचने के लिए सरकार की तरफ से नए नए तरीके ढूंढे जाते हैं। उन्होंने कहा, हम सदन को चलाना चाहते हैं और सारे मुद्दे जनता को बताना चाहते हैं। सोमवार को सभी विपक्षी दलों का मत था कि हम साझा मुद्दे उठाएंगे जो महत्वपूर्ण है और जनता के हित में है।
=सरकार हर मोर्चे पर नाकाम
कांग्रेस नेता ने कहा, केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल हो चुकी है। घोषणापत्र के वादे पूरे नहीं किए गए। भीड़ द्वारा हत्या की घटनाएं हो रही हैं। इसका मंत्रियों की तरफ से समर्थन किया जा रहा है। यह मुद्दा हम सदन में रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा, रोजगार का मुद्दा महत्वपूर्ण है। हम पूछेंगे कि कितने का निवेश आया है और कितने लोगों को रोजगार मिला है।
अविश्वास का यह होगा आधार
खड़गे के मुताबिक विपक्षी दल महिला सुरक्षा, बेरोजगारी, पीट-पीटकर हत्या किए जाने (लिंचिंग) , किसानों की स्थिति, अनुसूचित जाति-जनजाति अत्यचार विरोधी कानून, महंगाई, पेट्रोल डीजल की कीमत में बढ़ोतरी और स्विस बैंकों में भारतीयों की ओर से पैसे जमा किए जाने में 50 बढ़ोतरी के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरेगा।
ये मुद्दे भी गूंजेंगे
– जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति
– उच्च संस्थानों में हर विभाग में एक पद की रिक्ति निकलाने का फैसला
– नोटबंदी के दौरान अहमदाबाद जिला सहकारी बैंक में 750 करोड़ जमा कराने का मामला
– आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने का मुद्दा
– स्वायत्त संस्थाओं में नियुक्ति के नियमों की कथित अनदेखी
सत्ता पक्ष की विभाजनकारी नीति
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने भी आरोप लगाया कि सरकार अपने वादों को पूरा करने में नाकाम रही है और देश को बांटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, विपक्षी दलों की बैठक में सहमति बनी कि ईवीएम मशीन से चुनाव नहीं होना चाहिए और चुनाव की पुरानी विधि की तरफ लौटना चाहिए।

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