सफलता : पिछले साल की तुलना में दोगुने नक्सली मारे गए, इस साल 120 नक्सली ढेर

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कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन आल आउट की तर्ज पर सुरक्षा बल नक्सलियों की कमर तोड़ने में कामयाबी हासिल कर रहे हैं। इस साल समान अवधि में पिछले साल की तुलना में दोगुने से ज्यादा नक्सलियों को सुरक्षा बलों ने ढेर किया है। नक्सलियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ में कार्रवाई के दौरान महिला नक्सल कमांडर जरीना पोताई को आईटीबीपी ने मार गिराया। जरीना 2005 से मानपुर सब डिवीजन में सक्रिय थी। वह महिला नक्सलियों के दस्ते का नेतृत्व करती थी। दो दिन पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए द्वारा नक्सल कमांडरों के हवाला लेनदेन में शामिल झरीलाल महतो की गिरफ्तारी को नक्सली कॉडर के लिए बड़ा नुकसान बताया जा रहा है। एनआईए का मानना है कि महतो से पूछताछ में नक्सल कमांडरों की फंडिंग को लेकर बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। सुरक्षा बलों का दावा है कि पिछले सात आठ महीनों में कई नक्सली कमांडरों पर सुरक्षा बलों ने शिकंजा कसा है। गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान आक्रामक स्तर पर चलाया जा रहा है। कई नक्सली कमांडर सुरक्षा बलों के घेरे में आए हैं। मुठभेड़ के दौरान इस साल 120 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया गया है। करीब 755 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा बल और नागरिकों की मौत में भी कमी आई है। सुरक्षा बल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि ऑपरेशन में सावधानी के चलते इस बार पिछले साल की तुलना में सुरक्षा बल के जवानों की मौत का आंकड़ा बहुत कम हुआ है। पिछले साल मई तक करीब 62 जवानों की मुठभेड़ में मौत हुई थी। मौजूदा वर्ष में इसी अवधि के दौरान 31 सुरक्षा बल के जवानों की मौत हुई है
सूत्रों ने कहा कि सुरक्षा बल नक्सलियों के कोर गढ़ में घुसने में कामयाब हुए हैं। इसकी वजह से नक्सली कमांडर नए ठिकानों पर छिपने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के गढ़ में अपनी चौकियां बना ली हैं। इसकी वजह से निगरानी बढ़ गई है। नक्सलरोधी अभियान के लिए बनाए गए विशेष दस्तों की मदद से सुरक्षाबल नक्सलियों के नए संभावित ठिकानों पर भी कड़ी निगरानी कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से पिछले दो महीने में नक्सलियों के कई ठिकाने ध्वस्त किए गए हैं।

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