रेहम से शादी करना मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी : इमरान खान

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क्रिकेटर से सियासतदान बने और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार इमरान खान ने अपनी तीसरी शादी के बारे में हैरतअंगेज खुलासा किया है। साथ ही अपनी दूसरी शादी के बार में उन्होंने कहा है कि रेहम खान से शादी करना उनकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख इमरान ने अपनी तीसरी पत्नी बुशरा मानेका के बारे में कहा कि निकाह होने तक उन्होंने उनका चेहरा नहीं देखा था। बुशरा इस्लाम की रहस्यवादी सूफी शाखा की मान्य विद्वान और आध्यात्मिक मार्गदर्शक हैं। इमरान ने अपनी पहली दो शादियों के विफल होने के बाद बुशरा से फरवरी में शादी की थी। ‘डेली मेल’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, इमरान ने कहा, जब तक हमारी शादी नहीं हो गई, मैंने अपनी पत्नी (बुशरा) के चेहरे की एक झलक तक नहीं देखी थी। मैंने देखे बिना ही उन्हें शादी करने का प्रस्ताव दिया, क्योंकि वह मुझसे बिना बुर्का पहने मुझसे कभी नहीं मिलीं। बुर्के से उनका चेहरा हमेशा ढका रहता था। उन्होंने कहा, बुशरा कैसी दिखती हैं, इसके बारे में मुझे एकमात्र अंदाजा उनके एक फोटोग्राफ से हुआ था, जो मैंने उनके घर में देखी थी।
बुशरा के हमेशा बुर्के में रहने की वजह यह थी कि वह अपने पति के अलावा अन्य किसी पुरुष से चेहरा खुला रखकर नहीं मिलती थीं। उन्होंने घर के बाहर कभी काम भी नहीं किया। 39 साल की बुशरा पांच बच्चों की मां हैं। वह 2015 में जब इमरान से मिली थीं तब तक उनका अपने पहले पति खवार फरीद मानेका से रिश्ता बरकरार था। खवार एक वरिष्ठ सीमाशुल्क अधिकारी थे। इमरान की पहली शादी ब्रिटेन की जेमिमा गोल्डस्मिथ से हुई थी, जो नौ साल बाद 2004 में टूट गई। इसके कुछ ही समय बाद इमरान ने बीबीसी की प्रस्तोता रेहम खान से शादी की। रेहम भी ब्रिटेन की थीं। यह दूसरा रिश्ता भी सिर्फ 10 माह तक चला और 2015 में समाप्त हो गया। रेहम ने हाल में अपनी आत्मकथा में इमरान को नशे का सेवन करने वाला और व्यभिचारी बताया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि इमरान पांच अवैध संतानों के पिता हैं, जिनमें से कुछ भारत में हैं। रेहम के इन आरोपों के संबंध में इमरान ने कहा, अमूमन मैं रेहम के बारे में कुछ नहीं कहता, लेकिन मैं यह कहूंगा कि मैंने अपनी जिंदगी में कई गलतियां की हैं, लेकिन मेरी दूसरी शादी सबसे बड़ी गलती थी। 65 वर्षीय इमरान ने कहा, समय के साथ संबंधों के प्रति मेरा दृष्टिकोण बदल चुका है। किसी शख्स के चेहरे-मोहरे से ज्यादा अहम उसका चरित्र और बुद्धि होती है।

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