लड़ रहा हूं बड़ी लड़ाई, गलत बयानबाजी बर्दाश्त नहींः राहुल गांधी

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लोकसभा चुनाव में एनडीए को शिकस्त देने के लिए कांग्रेस समान विचारधारा वाले दलों के साथ राज्यवार गठबंधन करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में रविवार को हुई कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी)की बैठक ने 2019 के चुनाव में गठबंधन पर मुहर लगा दी। सीडब्ल्यूसी ने चुनाव पूर्व और चुनाव बाद गठबंधन के लिए राहुल को अधिकृत किया है। वह इसके लिए जल्द समिति का गठन करेंगे। कार्यसमिति की बैठक में विपक्षी गठबंधन के नेतृत्व का मुद्दा भी उठा। कई क्षेत्रीय पार्टियां 2019 में गठबंधन के नेतृत्व का दावा कर रही हैं। ऐसे में बैठक में सचिन पायलट व शक्ति सिंह गोहिल सहित कई नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गठबंधन का चेहरा कांग्रेस से होना चाहपार्टी प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हम कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। जब हम सबसे बड़ी पार्टी होंगे, तो गठबंधन का चेहरा भी कांग्रेस से होगा। राहुल गांधी गठबंधन का नेतृत्व करेंगे। सीडब्ल्यूसी की बैठक में राहुल गांधी ने गैरजरूरी बयानबाजी करने वाले नेताओं को भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में नहीं हिचकिचाएंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं। हर किसी को पार्टी फोरम पर अपनी बात रखने का हक है। पर कोई गलत बयानबाजी कर हमारी लड़ाई को कमजोर करता है, वह उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हाल ही में पार्टी नेता शशि थरूर के कई बयानों से पार्टी को काफी फजीहत झेलनी पड़ी है। नवगठित सीडब्ल्यूसी की पहली बैठक में करीब तीन दर्जन लोगों ने अपनी बात रखी। पर बैठक का एजेंडा पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदंबरम ने तय कर दिया था। चिदंबरम ने प्रस्तुतीकरण देते हुए कहा कि मौजूदा सियासी हालात में कांग्रेस अपने दम पर सीट तीन गुणा बढ़ा सकती हैं। चिदंबरम ने कहा कि 12 राज्यों में पार्टी संगठन मजबूत है और वह 150 सीट तक जीत सकती है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि चिदंबरम ने करीब 300 सीट पर कांग्रेस के अकेले लड़ने और बाकी सीटों पर सहयोगी दलों के साथ गठबंधन की वकालत की। सीडब्ल्यूसी की विस्तारित बैठक में ईवीएम, पीट-पीटकर हत्या, कृषि, रोजगार, विदेश नीति, दलितों पर अत्याचार और अर्थव्यवस्था के मुद्दे भी उठे। पर अधिक जोर गठबंधन पर रहा। बैठक में अपनी बात रखने वाले लगभग सभी नेताओं ने 2019 के चुनाव के लिए गठबंधन की पुरजोर वकालत की। इसलिए, सीडब्ल्यूसी ने प्रस्ताव पारित कर लोकसभा चुनाव में गठबंधन करने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप दिया।

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