बिहार: जानिए मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले का सच, खुलासे से मची सनसनी

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मुजफ्फरपुर के बालिका अल्पावास गृह में रह रहीं 29 बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न की सनसनीखेज घटना के खुलासे के बाद हड़कंप मचा हुआ है। लड़कियों ने जो बताया वो हैरान कर देने वाला है।
पटना । मुजफ्फरपुर बालिका अल्पावास गृह में 29 बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न की सनसनीखेज घटना के खुलासे के बाद सूबे सहित पूरे देश में इस घटना की चर्चा हो रही है। इस अल्पावास गृह में बच्चियों को मानसिक और शारीरिक यातनाएं दी जाती थीं। लड़कियों ने जो बताया है यह सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। सात साल की बच्ची तक को दरिंदों ने नहीं छोड़ा था। वह बच्ची बोल नहीं पा रही है। पटना के पीएमसीएच में लड़कियों की मेडिकल जांच में सामने आया है कि उनके साथ रेप और मारपीट हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि नशे का इंजेक्शन देकर आरोपी बच्चियों के साथ रेप करते थे। कई लड़कियों के शरीर पर जले के निशान भी मिले हैं। इसी अल्पावास गृह की ही एक लड़की ने आरोप लगाया था कि उनकी एक साथी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई और उसे परिसर में दफन कर दिया गया। जिसके बाद परिसर की खोदाई की गई लेकिन एेसे कोई सुबूत नहीं मिले। पुलिस वहां की मिट्टी को एफएसएल जांच के लिए भेज चुकी है। इसी साल मई में टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की सोशल ऑडिट टीम ने इस शेल्टर होम की लड़कियों से बातचीत की जिसके बाद यह खुलासा सबके सामने है। लड़कियों ने जो आपबीती सुनाई उस रिपोर्ट पर पुलिस हरकत में आई और शेल्टर होम की जांच की गई और सुबूत मिलते ही आरोपियों की धर पकड़ शुरू हो गई। जांच में बताया गया था कि वर्ष 2013 से 2018 के बीच ये लड़कियां गायब हुई हैं। इसके बाद राज्य के समाज कल्याण विभाग ने पिछले महीने प्राथमिकी दर्ज की। मामले में दस लोगों की गिरफ्तारी हुई। लेकिन फिर पुलिस ने बताया कि छह नहीं चार लड़कियों के गायब होने की बात पता चली है। इनमें से तीन की मौत हो गई और एक लड़की की शादी हो चुकी है। मुजफ्फरपुर की घटना ने प्रशासनिक मशीनरी के साथ-साथ राजनीतिक हलकों में भी तूफान ला दिया है। इसमें कई सफेदपोशों के भी नाम उजागर हुए हैं। यहां रह रही कुछ लड़कियों ने बताया है कि बाहरी लोग भी बालिका गृह में आते थे और जोर-जबर्दस्ती करते थे। उन्हें बालिका गृह के बाहर भी ले जाया जाता था। कुछ लड़कियों ने बताया कि मूंछ वाले अंकल और पेट वाले अंकल आते थे और हमारे साथ गंदा काम करते थे। मुजफ्फरपुर की एसएसपी हरप्रीत कौर बताया कि मामले में गहन जांच हो रही है। पुलिस स्वतंत्र रूप से काम कर रही है। मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके खिलाफ जल्द ही चार्जशीट दायर की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी लड़की ने यह नहीं कहा कि उन्हें कभी हॉस्टल से बाहर ले जाया गया है। हरप्रीत कौर ने कहा कि कहा कि इस नारी निकेतन में 40 से अधिक लड़कियां हैं और मेडिकल रिपोर्ट बताती हैं कि उनमें से आधे से ज्यादा के साथ कभी न कभी यौन संबंध बनाए गए। मुजफ्फरपुर स्थित इस शेल्टर होम का नाम ‘बालिका गृह’ है, जो कि एक एनजीओ सेवा संकल्प एवं विकास समिति की ओर से चलाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह शेल्टर होम सरकारी सहायता प्राप्त है। इसमें 42 लड़कियां रह रही थीं। इस मामले के सामने आने के बाद इन सभी लड़कियों को राज्य के दूसरे शेल्टर होम में रखा गया है। विपक्ष भी इस मामले को लेकर नीतीश सरकार पर लगातार हमलावलर है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है। इस दौरान राबड़ी ने आरोपियों के सत्तारूढ़ जेडीयू और सरकारी अफसरों के साथ संबंध के भी आरोप लगाए। उधर, जन अधिकार पार्टी के संरक्षक और सांसद पप्पू यादव ने इस मामले को लोकसभा में उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग की। एक ओर इस घटना पर विपक्ष हमलावर है वहीं सत्तापक्ष के लोजपा सांसद चिराग पासवान ने भी इस घटना को गंभीर बताते हुए लॉ एंड अॉर्डर पर सवाल उठाया है। तो वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि इस शेल्टर होम के मालिक नीतीश के करीबी हैं और उन्होंने उनके लिए चुनाव प्रचार भी किया है।साथ ही कहा कि उसे उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने मिठाई भी खिलाया था। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी ने भी आरोप लगाया कि आरोपियों के जेडीयू और सरकार के अफसरों के अच्छे संबंध हैं।

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